


उत्तरकाशी

मानसून के आगमन के साथ ही उत्तराखंड में भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेताला, बिशनपुर सहित कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है।



लगातार हो रही बारिश के चलते छोटे-बड़े नाले उफान पर हैं और भागीरथी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए मनेरी भाली परियोजना द्वारा डैम का पानी छोड़ना पड़ा, जिससे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।




कांवड़ यात्रियों को दिक्कत, वाहनों का आवागमन रोका गया
इस मार्ग से होकर गुजरने वाले कांवड़ यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण कई वाहन रास्ते में फंस गए, जिन्हें पुलिस द्वारा सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। एहतियातन वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।



बीआरओ ने शुरू किया मार्ग खोलने का कार्य
सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम ने नेताला के पास सुबह 5:00 बजे से मलबा हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। भारी मलबा और लगातार वर्षा के बावजूद बीआरओ के जवान राहत कार्य में जुटे हैं। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जैसे ही मार्ग आंशिक रूप से भी साफ होगा, आवश्यक वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर निकाला जाएगा।


प्रशासन ने लोगों से की अपील
प्रशासन ने यात्रियों और आमजन से अपील की है कि जब तक मौसम स्थिर न हो जाए, पर्वतीय मार्गों की यात्रा से बचें। साथ ही, चारधाम और कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया गया है कि मौसम अपडेट लेते रहें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।



स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से कहा गया है कि जल्द ही मार्गों को खोलने और स्थिति सामान्य करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।



