

रिपोर्ट : भगवान सिंह
स्थान : पौड़ी


पौड़ी जिले में मृत व्यक्ति के नाम पर बीमा पॉलिसी और बैंक खाता खोलकर 20 लाख रुपये की ठगी की बड़ी साजिश को पुलिस ने विफल कर दिया है। इस संगठित धोखाधड़ी में लिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने एक बड़ी ठगी को अंजाम देने से पहले ही रोक दिया।



प्राप्त जानकारी के अनुसार आदित्य बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस, नई दिल्ली कार्यालय के प्रतिनिधि राजीव शर्मा ने 9 मई को कोतवाली पौड़ी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि रविंद्र कुमार और उषा रानी नाम के दो लोगों ने मृतक आकाश कुमार के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जीवन बीमा पॉलिसी का डेथ क्लेम (मृत्यु दावा) करने का प्रयास किया। इस क्लेम की राशि लगभग 20 लाख रुपये थी।


शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपियों ने मृतक के नाम पर केनरा बैंक पौड़ी में खाता भी खुलवाया था, जिसमें फर्जी कागजातों का इस्तेमाल किया गया।


पौड़ी कोतवाली प्रभारी कमलेश शर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सबूत मिले, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने मृत व्यक्ति के आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों में हेराफेरी की थी। साथ ही जांच में सामने आया कि यह कार्यवाही एक संगठित गिरोह द्वारा की जा रही थी, जो मृत लोगों के नाम पर बीमा कंपनियों से क्लेम ठगने का धंधा चला रहा था।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने मृत व्यक्ति के नाम पर खोले गए बैंक खातों पर अपना फोटो चिपका दिया था, ताकि पहचान न हो सके और बैंक खाते का दुरुपयोग कर सकें।

पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों, मुकेश कुमार और रविंद्र कुमार को काशीपुर और नजीबाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए बीमा कंपनियों और बैंकिंग प्रणाली को एक बड़े वित्तीय नुकसान से बचाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और अन्य एजेंसियों से भी सहयोग लिया जा रहा है।


