


गंगोत्री (उत्तरकाशी)

गंगोत्री धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। दिन भर श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन करने और गंगोत्री धाम की नैसर्गिक सुंदरता को निहारने के लिए पहुंच रहे हैं।



धाम में हर ओर भक्ति, आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।



वहीं, संध्याकालीन आरती का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए एक अलौकिक अनुभव बन गया है। जब सूर्य की अंतिम किरणें हिमालय की चोटियों को छू रही होती हैं, तब माँ गंगा की भव्य आरती पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देती है।



गंगा पुरोहितों की अगुवाई में भव्य आरती
आरती का आयोजन गंगा पुरोहितों की परंपरागत विधि से होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी सहभागी बनते हैं। गंगा पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया:

“माँ गंगा की आरती आदिकाल से होती आ रही है। जलधारा की आरती में श्रद्धालु भागीदार बनते हैं, जिससे उन्हें आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। यह केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि विश्व को शांति और ऊर्जा देने वाला अनुभव है।”

श्रद्धालु हाथों में दीपक और पुष्प लिए मां गंगा की जय-जयकार करते नजर आते हैं। आरती के दौरान घंटियों की मधुर ध्वनि, शंखनाद और मंत्रोच्चारण से पूरा गंगोत्री धाम भक्ति की गूंज से सराबोर हो जाता है।



