


स्थान:लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत चिकित्सक, आशा कार्यकर्ती और आउटसोर्स कर्मचारी बीते तीन माह से मानदेय न मिलने से आक्रोशित हैं। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को कर्मियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा। मंगलवार को लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में काली पट्टी बांधकर कर्मियों ने विरोध जताया और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे डॉ. राकेश पंत और डॉ. उमेश जोशी ने बताया कि एनएचएम के तहत कार्यरत 20 से अधिक कर्मचारी, जिनमें चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, लैब तकनीशियन व अन्य शामिल हैं, पिछले तीन महीने से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।



डॉ. मृणालिनी (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ने बताया कि मानदेय के अभाव में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
“सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द लंबित भुगतान किया जाए, अन्यथा कर्मी कार्य बहिष्कार जैसे विकल्प अपनाने को बाध्य होंगे।”



आशा कार्यकर्तियों को भी नहीं मिला प्रोत्साहन
आशा कार्यकर्ती संगठन की सचिव पदमा प्रथोली ने भी स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा:
“वर्तमान में आशा कार्यकर्ता न्यूनतम प्रोत्साहन राशि में कठिन परिस्थितियों में कार्य करती हैं, लेकिन उन्हें भी तीन महीने से कोई भुगतान नहीं किया गया है। इससे रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना बेहद मुश्किल हो गया है।”

चिकित्सालय में तैनाती की स्थिति
लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में वर्तमान में:

- 2 विशेषज्ञ चिकित्सक
- 4 कुल चिकित्सक
- 20 एनएचएम कर्मी
- 6 आउटसोर्स कर्मी
सेवाएं दे रहे हैं।

इन सभी ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए, ताकि सेवाएं सुचारू रूप से जारी रह सकें और कर्मचारी मानसिक तनाव से उबर सकें।



