


हल्द्वानी।
आवास विकास कॉलोनी में भेजे गए विवादित नोटिसों को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। सोमवार को कॉलोनीवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और इस मुद्दे पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए प्रशासन द्वारा जारी किए गए कथित अनुचित नोटिसों को निरस्त करने की मांग की।



प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कॉलोनी में लोग पिछले लगभग 50 वर्षों से रह रहे हैं। लगभग 70 प्रतिशत मकानों की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष भवन फ्रीहोल्ड श्रेणी में आते हैं।


इसके बावजूद प्रशासन ने इन भवनों को देवखड़ी नाले पर अतिक्रमण बताते हुए नोटिस थमा दिए हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन जिस नाले का हवाला दे रहा है, वह कोई प्राकृतिक जलधारा नहीं बल्कि नगर निगम द्वारा तीन वर्ष पूर्व बनाया गया जल निकासी नाला है, जो केवल छतों के वर्षा जल की निकासी के लिए बनाया गया था। कॉलोनीवासियों का दावा है कि भवन दस्तावेजों में नाले का कोई उल्लेख नहीं है, जिससे प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।


लोगों ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और तानाशाहीपूर्ण बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। इस पर श्री कोश्यारी ने आश्वासन दिया कि वे मामले को गंभीरता से कुमाऊं आयुक्त के समक्ष उठाएंगे और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास करेंगे।

इस बीच कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने भी मामले को संज्ञान में लेते हुए कॉलोनीवासियों के प्रतिनिधिमंडल को मंगलवार को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक के बाद कोई ठोस समाधान निकल सकता है।


इस मौके पर स्थानीय पार्षद पति गोपाल भट्ट, मधुकर बनौला, धीरज जोशी, बृजेश बिष्ट, नीरज बिष्ट, हरीश पांडे सहित दर्जनों स्थानीय निवासी मौजूद रहे।



