हल्द्वानी: आबादी में भटके सांभर का रेस्क्यू, लेकिन नहीं बची जान

हल्द्वानी: आबादी में भटके सांभर का रेस्क्यू, लेकिन नहीं बची जान

हल्द्वानी

जंगल से भटककर आबादी में घुसे एक जवान नर सांभर को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू तो कर लिया, लेकिन भारी मशक्कत के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। रेस्क्यू के कुछ देर बाद ही सांभर की मौत हो गई।

घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की है, जब निलियम कॉलोनी स्थित श्रेष्ठ विहार में एक सांभर अचानक आ गया। सांभर को देखकर स्थानीय लोग घबरा गए और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टीम मौके पर पहुंची।

टीम के पहुंचने तक सांभर कॉलोनी की चारदीवारी के पास झाड़ियों में छिप गया था। रेस्क्यू की योजना बन ही रही थी कि अचानक सड़क से गुजर रहे लोगों की हलचल से घबराकर सांभर बाड़ फांदकर क्रिकेट अकादमी के मैदान में चला गया और फिर वहां से भी भाग निकला। इसके बाद वन कर्मियों ने उसे आसपास तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला।

कुछ समय बाद सूचना मिली कि सांभर रामपुर रोड स्थित एक निजी होटल के परिसर में देखा गया है। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि वह थका हुआ और घायल अवस्था में एक वाहन के पीछे छिपा बैठा था। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. तरुण कुमार ने मौके पर पहुंचकर उसे ट्रैंकुलाइज़ किया। करीब 20 मिनट में सांभर को बेहोश किया जा सका और लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू पूरा हुआ।

हालांकि, रेस्क्यू के कुछ समय बाद ही सांभर की मौत हो गई। डॉ. तरुण कुमार ने बताया कि, “निलियम कॉलोनी से लेकर होटल परिसर तक भागते हुए सांभर घायल हो गया था और काफी थक चुका था। संभवतः अत्यधिक थकान और अंदरूनी चोटों की वजह से रेस्क्यू के बाद उसकी मौत हो गई।”

यह घटना एक बार फिर से मानव आबादी के नजदीक जंगलों के खतरे और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है।