


देहरादून

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ मार्ग पर हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक के बाद एक सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने न केवल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, बल्कि चारधाम यात्रा के लिए चल रही सभी हेली सेवाओं को सोमवार तक पूर्णतः बंद रखने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।



उच्च स्तरीय बैठक में कई अहम फैसले
मुख्यमंत्री आवास में रविवार देर शाम हुई आपात उच्च स्तरीय बैठक में हेली सेवाओं की सुरक्षा और निगरानी के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें देहरादून में एक “कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर” की स्थापना का फैसला प्रमुख है, जो राज्य में हेली सेवाओं के संचालन, दिशा-निर्देशन और निगरानी का केंद्रीय तंत्र होगा।


इस केंद्र में निम्नलिखित विभागों के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे:

- डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय)
- भारत सरकार का नागरिक उड्डयन विभाग
- उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
- यूकाडा (उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी)
- एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल)
- सभी हेली ऑपरेटर कंपनियाँ

सचिव गृह की अध्यक्षता में विशेष समिति
मुख्यमंत्री धामी ने सचिव गृह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेष समिति के गठन के निर्देश भी दिए हैं। यह समिति सितंबर 2025 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी और प्रदेश के लिए तकनीकी और प्रशासनिक एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार करेगी, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
हेली सेवाओं में अनुभव और तकनीकी सुधार अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अब केवल लंबा अनुभव रखने वाले पायलटों को ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, डीजीसीए की मौजूदा गाइडलाइनों को और अधिक कठोर और व्यावहारिक बनाए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।


अत्याधुनिक मौसम उपकरण होंगे स्थापित
उड़ानों की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने हिमालयी क्षेत्रों में अत्याधुनिक मौसम पूर्वानुमान यंत्र लगाए जाने के निर्देश दिए, ताकि पायलटों को मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके और मौसमजन्य दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।


मृतकों के परिजनों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार
दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह राज्यों तक सम्मानपूर्वक पहुंचाने के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन को विशेष निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा गया है।


