


गुरुवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (AI-171), जो लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रहा था, उड़ान भरने के महज दो मिनट बाद दोपहर 1:40 बजे एयरपोर्ट की दीवार और एयर कस्टम कार्गो ऑफिस से टकरा गया।



इस विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के भी सवार होने की पुष्टि विभिन्न सूत्रों द्वारा की गई। प्रारंभिक रिपोर्टों में उनके गंभीर रूप से घायल होने की सूचना थी, लेकिन बाद में उनकी मृत्यु की खबर सामने आई। हालांकि बीजेपी सांसद परिमल नाथवानी द्वारा की गई X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट को बाद में डिलीट कर दिया गया, लेकिन कई सूत्र इस दुखद खबर की पुष्टि कर रहे हैं। रूपाणी के निधन से बीजेपी और गुजरात की राजनीति को गहरा आघात पहुंचा है।



हादसे की भयावहता:
विमान हादसे में अब तक 100 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से कई शव इस हद तक जल चुके हैं कि पहचान बेहद कठिन हो चुकी है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि डीएनए टेस्ट के जरिए ही शिनाख्त संभव हो सकेगी। विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे।



प्लेन जिस इमारत से टकराया, वहां अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टरों के क्वार्टर थे। टक्कर की वजह से बिल्डिंग को गंभीर नुकसान हुआ और कम से कम 15 डॉक्टर घायल हुए हैं।


घटना स्थल का मंजर:
जैसे ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, घटनास्थल पर धुएं का घना गुबार छा गया। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग और कर्मचारी सहमे हुए हैं। राहत व बचाव दल मौके पर जुटा है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और ब्लैक बॉक्स बरामद करने के प्रयास जारी हैं।

अब सवालों के घेरे में एयर सेफ्टी:
उड़ान भरते ही महज दो मिनट में विमान के क्रैश हो जाने से एविएशन सेफ्टी पर सवाल उठने लगे हैं। तकनीकी खराबी, पायलट की चूक या अन्य कोई कारण – इसकी जांच DGCA और एयर इंडिया की टीम कर रही है।




