


स्थान : लोहाघाट( चंपावत)
रिपोर्ट : लक्ष्मण बिष्ट


चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक की रैगांव ग्रामसभा के फिरकोला व जमाड़ तोक में बहने वाली पनार नदी में इन दिनों अल्मोड़ा जिले के खनन कारोबारियों द्वारा मशीनों से अवैध खनन जोरों पर किया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि के खिलाफ आज क्षेत्र के ग्रामीणों ने एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की मांग की।


ग्रामीण जीत सिंह, आनंद अधिकारी (पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य), शंकर अधिकारी, राम सिंह, दिलीप सिंह, बिशन सिंह समेत अन्य ने बताया कि अल्मोड़ा के स्टोन क्रेशर स्वामी अब अपने जिले की सीमा छोड़कर चंपावत जिले की सीमा में घुसकर पनार नदी से मशीनों द्वारा अवैध खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अवैध खनन का वीडियो सबूत के तौर पर रिकॉर्ड भी किया है।



नदी का बदला रुख, खेतों पर खतरा
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे खनन से पनार नदी का प्रवाह दिशा बदल गया है, जिससे आगामी बरसात में खेत-खलिहानों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। साथ ही क्रेशर से निकलने वाला दूषित पानी भी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे पीने का पानी प्रदूषित हो रहा है और ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी संकट मंडरा रहा है।


शासन में ऊँची पहुंच, प्रशासन मौन?
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खनन कारोबारी शासन-प्रशासन में ऊंची पहुंच रखते हैं, इसलिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र में लगे स्टोन क्रेशर की आवाज से स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है। ग्रामीणों में इस पूरे प्रकरण को लेकर गहरा आक्रोश है।

SDM ने जताई नाराजगी, कार्रवाई का दिया भरोसा
एसडीएम लोहाघाट नीतू डांगर ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खान विभाग के अधिकारियों से जल्द वार्ता कर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


“अगर हमारी जमीनें, पानी और पर्यावरण को ऐसे ही उजाड़ा गया तो चुप नहीं बैठेंगे,” – ज्ञापन सौंपते ग्रामीणों का दो-टूक संदेश।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने पहुंचे कई ग्रामीण उपस्थित रहे, और एक स्वर में जल्द कार्रवाई की मांग की।


