विजय का जश्न बना मौत का जुलूस: RCB की जीत पर बेंगलुरु में भगदड़, 11 की मौत, 33 घायल

विजय का जश्न बना मौत का जुलूस: RCB की जीत पर बेंगलुरु में भगदड़, 11 की मौत, 33 घायल

बेंगलुरु

आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ऐतिहासिक जीत का जश्न मातम में बदल गया। मंगलवार रात अहमदाबाद में पंजाब को हराकर पहली बार चैंपियन बनी RCB की टीम बुधवार को जब बेंगलुरु में विजय परेड के लिए पहुंची, तो चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भीषण भगदड़ मच गई। हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 33 लोग घायल हो गए।

पुलिस और चश्मदीदों के मुताबिक, स्टेडियम के बाहर हजारों की भीड़ जमा हो गई थी। सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर्याप्त नहीं थी और भीड़ पर नियंत्रण पूरी तरह फेल हो गया। बताया जा रहा है कि एक अफवाह के बाद लोग तेजी से गेट की ओर भागने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई।

घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।


दुनियाभर में जश्न पर मौत के साये

RCB हादसे से पहले भी पिछले 10 दिनों में दो और देशों में खेल जीत का जश्न त्रासदी में बदल चुका है:

  • इंग्लैंड (27 मई): लिवरपूल क्लब की EPL जीत पर आयोजित समारोह में ट्रैफिक से परेशान एक व्यक्ति ने कार भीड़ पर चढ़ा दी। हादसे में 109 लोग घायल हुए, कई की हालत गंभीर है।
  • फ्रांस (1 जून): PSG की चैंपियंस लीग जीत के जश्न में पेरिस की सड़कों पर भगदड़ और हिंसा हुई, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 190 लोग घायल हुए।

प्रश्नों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

तीनों देशों में हुए इन हादसों ने भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सिर्फ जीत ही काफी है, या उसके बाद जिम्मेदार जश्न मनाना भी ज़रूरी है?

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े आयोजनों से पहले प्रशासन को भीड़ नियंत्रण, इमरजेंसी प्लानिंग और सामाजिक जागरूकता जैसे पहलुओं पर और गंभीरता से काम करना होगा।


प्रधानमंत्री और खेल मंत्रालय ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी खेल जगत की तमाम हस्तियों ने इस हादसे पर दुख जताया है और बेहतर प्रबंधन की मांग की है।