


लोकेशन- ऋषिकेश

संवाददाता- सागर रस्तोगी

सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के परिसर में ताला तोड़ने, CCTV कैमरे को क्षतिग्रस्त करने और एक बक्से से सामान निकालने के मामले में पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।



इस कार्रवाई से रामलीला कमेटी के सदस्य भड़क गए हैं और उन्होंने मुकदमों को राजनीति से प्रेरित व झूठा बताया है।



इस विषय में आज कमेटी के उपाध्यक्ष जितेंद्र पाल ने अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि, “एक व्यक्ति के इशारे पर राजनीतिक दबाव में ये मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। हमारे पास रामलीला कमेटी का विधिवत रजिस्ट्रेशन है और हम ही इसके वैध पदाधिकारी हैं।”

कमेटी सदस्यों ने पुलिस पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि बिना उचित जांच और साक्ष्य के मुकदमा दर्ज किया गया, जो न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों पर मुकदमा किया गया है, वे लंबे समय से रामलीला आयोजन से जुड़े हुए हैं और समाजसेवा में सक्रिय हैं।


जितेंद्र पाल ने कहा, “पुलिस केवल हमारे दस्तावेज मांग रही है, लेकिन शिकायतकर्ता से कोई साक्ष्य नहीं मांगा जा रहा। यह साफ दर्शाता है कि कार्रवाई एकतरफा और दबाव में की गई है।”


कमेटी के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पुलिस कप्तान और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर न्याय की मांग करेगा।



