


हरिद्वार

रिपोर्ट -नरेश तोमर

हरिद्वार ज़िले में सामने आए जमीन घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी (DM), उपजिलाधिकारी (SDM) और पूर्व नगर आयुक्त को बर्खास्त कर जांच के आदेश दे दिए हैं। मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है।



शिवालिक नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे महेश प्रताप राणा ने बर्खास्त किए गए अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये वही अधिकारी हैं जिन्होंने चुनाव में गड़बड़ी कर उन्हें जानबूझकर हराया था।



महेश राणा ने कहा, “जब मैं 650 वोटों की बढ़त के साथ चुनाव जीत की ओर बढ़ रहा था, उस समय मेरे मतगणना एजेंटों को जबरन बाहर निकाला गया, यहां तक कि मुझे भी मतगणना स्थल से बाहर कर दिया गया। इसके बाद गिनती में हेराफेरी कर मुझे हराया गया।“

उन्होंने आरोप लगाया कि DM और SDM ने उच्च दबाव में काम करते हुए चुनाव में पारदर्शिता के साथ खिलवाड़ किया, और आज वही अधिकारी सरकारी जांच के घेरे में हैं। राणा ने कहा, “आज उनका वही हश्र हुआ जिसकी नींव उन्होंने खुद रखी थी। जनता की बद्दुआएं रंग लाई हैं।”


उन्होंने आगे कहा, “मुझे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। जो भ्रष्ट लोग आज भी नगर पालिका में पदासीन हैं, उनका भी समय आएगा। जनता को बस इंतजार करना होगा।”


इस प्रकरण के बाद हरिद्वार की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए जांच आदेशों के बाद संभावना जताई जा रही है कि इस पूरे घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुलेंगी।



