हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर, अब तक 30 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर, अब तक 30 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

रिपोर्ट – संजय कुंवर
स्थान – श्री हेमकुंड साहिब, चमोली

हिमालय की गोद में स्थित सिख धर्म के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब में बीते चार दिनों से रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। मंगलवार को रिकॉर्ड 8 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में मत्था टेका, जबकि अब तक कुल 30,000 से अधिक तीर्थयात्री पवित्र दरबार साहिब के दर्शन कर चुके हैं।

बर्फबारी और ठंड में भी नहीं थमा श्रद्धा का सैलाब

हेमकुंड साहिब की ऊंचाई लगभग 15,000 फीट है, जहां तापमान बेहद कम है। बर्फबारी और ठंडी हवाओं के बीच भी श्रद्धालु पवित्र सरोवर में डुबकी लगाकर आस्था की मिसाल पेश कर रहे हैं। तीर्थयात्रियों की यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में एक नया रिकॉर्ड मानी जा रही है।

अब तक का आंकड़ा:

  • 10 दिन में दर्शन करने वालों की संख्या: 30,000+
  • मंगलवार को पहुंचे श्रद्धालु: 8,000+
  • यात्रा के पहले सप्ताह में ही पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की संभावना।

यात्रा के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की मांग

हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन से भेंट की। उन्होंने गोविंदघाट में स्थायी पुल निर्माण की मांग को दोहराया, जिसकी घोषणा पहले ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की जा चुकी है। बर्फबारी और वर्षा के दौरान यह पुल यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाएगा।

तीर्थयात्रियों के लिए दो नए हॉल

श्री बिंद्रा ने घांघरिया में तीर्थयात्रियों के ठहरने हेतु दो नए हॉल निर्माण को मिली मंजूरी पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद

यात्रा मार्ग पर SDRF, ITBP और ATS की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। राज्य प्रशासन ने सुरक्षा, आवास, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की है, जिससे यात्रा सुगम और सुरक्षित हो रही है।

आध्यात्मिकता के साथ प्रकृति का संगम

हेमकुंड साहिब यात्रा केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। पास में स्थित फूलों की घाटी और लक्ष्मण मंदिर भी यात्रियों को आकर्षित कर रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण की अपील

श्री बिंद्रा ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे प्लास्टिक मुक्त यात्रा को अपनाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि “यात्रा की सफलता में श्रद्धालुओं का सहयोग और प्रशासन का समर्पण दोनों आवश्यक हैं।”