मानसून से पहले PWD अलर्ट मोड पर, 1100 संवेदनशील मार्गों की हुई पहचान

मानसून से पहले PWD अलर्ट मोड पर, 1100 संवेदनशील मार्गों की हुई पहचान

राज्यभर में 278 जेसीबी व पोकलेन मशीन तैनात होंगी, 338 वैकल्पिक मार्ग भी किए गए चिन्हित

देहरादून।
उत्तराखंड में 10 जून तक मानसून के दस्तक देने की संभावना के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। विभाग के प्रमुख अभियंता (एचओडी) राजेश चंद्र शर्मा ने सोमवार को जानकारी दी कि राज्यभर में भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध की संभावनाओं को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

इस वर्ष 1100 ऐसे मार्गों को चिन्हित किया गया है, जो बारिश के दौरान अक्सर बाधित हो जाते हैं। इन मार्गों पर आवश्यकतानुसार 278 जेसीबी व पोकलेन मशीनों को तैनात किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि 338 वैकल्पिक मार्ग भी पहले से आईडेंटिफाई किए गए हैं, ताकि मुख्य सड़कों के बंद होने पर यातायात को तुरंत डायवर्ट किया जा सके। विभाग द्वारा संवेदनशील स्थलों पर पहले से ही मशीनें तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी

उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय स्तर पर और ठेकेदारों के माध्यम से जेसीबी व पोकलेन मशीनें तैनात की जाएंगी। इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिससे आपात स्थिति में संसाधनों की कमी न हो।

भूस्खलन वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर

मानसून के दौरान भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार की गई है। इन इलाकों में विशेष निगरानी और मशीनरी की तैनाती की जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि किसी भी सड़क अवरोध की स्थिति में 2 से 4 घंटे के भीतर यातायात बहाल किया जा सके।