ऋषिकेश की सड़कों पर दम तोड़ती ट्रैफिक व्यवस्था, एंबुलेंस को भी नहीं मिल रहा रास्ता

ऋषिकेश की सड़कों पर दम तोड़ती ट्रैफिक व्यवस्था, एंबुलेंस को भी नहीं मिल रहा रास्ता

लोकेशन- ऋषिकेश

संवाददाता – सागर रस्तोगी

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। बढ़ते वाहनों, पर्यटकों की बेतहाशा भीड़ और सीमित संसाधनों के बीच ट्रैफिक जाम ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालत यह हो चुकी है कि एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी सड़कों पर फंसी नजर आ रही हैं, जिससे मरीजों की जान पर बन आई है।

शहर के आंतरिक मार्गों पर भी बाहरी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से हालात और बिगड़ गए हैं। चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के जवान भीषण गर्मी में जाम से निपटने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन बेतरतीब पार्किंग और अनुशासनहीन वाहन चालकों के चलते स्थिति पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है

दिल्ली निवासी विनोद शर्मा ने बताया कि वह पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऋषिकेश आए हैं, लेकिन शहर की सड़कों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं, एम्स में इलाज कराने आए जयशंकर तिवारी ने बताया कि वह कोविल घाटी के पास 20 मिनट से ट्रैफिक में फंसे हैं, जबकि उन्हें डॉक्टर से जरूरी चेकअप कराना है।

फुटपाथ तक भी लोगों से भर गए हैं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ट्रैफिक का दबाव नियंत्रित करने के लिए ठोस योजना नहीं बनाई जाती, जून जैसे पीक सीजन में जाम से राहत मिलना असंभव है

इसके साथ ही ट्रैफिक जाम के कारण वायु प्रदूषण में भी इजाफा हो रहा है, जो सांस और फेफड़ों के रोगियों के लिए खतरे की घंटी है।

प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना है ताकि आम जनमानस को राहत मिल सके।