अल्मोड़ा के आदि बाजार में मुनस्यारी के हेमंत धरसत्तू की पायरोग्राफी कला बनी आकर्षण का केंद्र

अल्मोड़ा के आदि बाजार में मुनस्यारी के हेमंत धरसत्तू की पायरोग्राफी कला बनी आकर्षण का केंद्र

अल्मोड़ा, 2 जून।
भारत सरकार द्वारा अल्मोड़ा के ऐतिहासिक मल्ला महल में आयोजित “आदि बाजार” में सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी के युवा कलाकार हेमंत धरसत्तू की पायरोग्राफी कला इन दिनों दर्शकों के बीच खास आकर्षण बनी हुई है।

हेमंत लकड़ी की सतह पर गर्मी के माध्यम से चित्र उकेरते हैं, जिसे पायरोग्राफी कहा जाता है। यह कला रूस, यूक्रेन और लैटिन अमेरिका जैसे देशों में लोकप्रिय है। हेमंत ने बताया कि उन्होंने कोरोना लॉकडाउन के समय इस कला को आत्मनिर्भरता की राह बनाकर सीखा और अब यह उनकी पहचान बन गई है।

पायरोग्राफी की यह विशिष्ट तकनीक न केवल कलात्मक है, बल्कि अब जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति भी बन चुकी है। हेमंत के अनुसार, यह कला पहाड़ की पारंपरिक सोच और प्रकृति के साथ जुड़ाव को भी दर्शाती है।

आदि बाजार की संयोजक प्रीति टोलिया ने बताया कि यह आयोजन ट्राइफेड द्वारा जनजातीय प्रतिभाओं को मंच देने और उनके उत्पादों को बाज़ार दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हेमंत की कला सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई, जिसे देखकर उन्हें आमंत्रित किया गया, ताकि यह अद्भुत कला आम लोगों तक पहुंच सके और हेमंत जैसे युवा कलाकारों को रोजगार और पहचान मिल सके।

इस आयोजन में स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों की भी खासी रुचि देखी जा रही है, और हेमंत धरसत्तू की कलाकृतियां लोगों के बीच सराहना बटोर रही हैं।