सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में एक्स-रे सुविधा आज भी अधूरी, मरीजों को हो रही परेशानी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में एक्स-रे सुविधा आज भी अधूरी, मरीजों को हो रही परेशानी

रिपोर्ट : नवीन चन्दोला
स्थान : थराली (चमोली)

एक ओर जहां सरकार और जनप्रतिनिधि थराली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक्स-रे सुविधा की उपलब्धता का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। गुरुवार शाम करीब 5:15 बजे ग्राम सिमलसैंण, नगर पंचायत थराली निवासी गोपी चंदोला को छाती में चोट लगने के बाद सीएचसी थराली लाया गया। इमरजेंसी की स्थिति में भी उन्हें तत्काल एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल सकी।

ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. मितेश ने प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को आराम करने की सलाह दी, साथ ही यह भी बताया कि एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मामले ने तूल तब पकड़ा जब रात करीब 8:30 बजे सामाजिक कार्यकर्ता विनोद चंदोला ने स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद रात 9 बजे एक्स-रे टेक्नीशियन विशाल पाण्डवाल द्वारा किसी तरह एक्स-रे फिल्म की व्यवस्था कर एक्स-रे किया गया।

विनोद चंदोला ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में प्रचार किया गया है कि थराली सीएचसी में एक्स-रे टेक्नीशियन की नियुक्ति हो गई है और एक्स-रे सुविधा उपलब्ध है, लेकिन आज भी मरीजों को समय पर यह सुविधा नहीं मिल रही, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

दूरभाष पर बातचीत में सीएचसी थराली के प्रभारी डॉ. गौरव ने भी खामियों को स्वीकारते हुए कहा कि “एक्स-रे मशीन तो है, लेकिन यह अक्सर खराब हो जाती है। कभी मशीन का सॉफ्टवेयर उड़ जाता है, तो कभी लाइट की समस्या आती है। हमारे पास स्टेबलाइजर भी नहीं है, जिसकी घोषणा विधायक जी ने की थी, लेकिन वह अब तक नहीं आया।”

डॉ. गौरव ने यह भी बताया कि एक्स-रे फिल्में गोपेश्वर से आती हैं, लेकिन उनकी कोई नियमित आपूर्ति व्यवस्था नहीं है। “अगर 100 फिल्में आती हैं और खत्म हो जाती हैं, तो दोबारा मंगाने में दिक्कत आती है,” उन्होंने बताया।

स्थानीय लोगों में रोष
क्षेत्र की लगभग एक लाख की आबादी इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। लेकिन बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं का इस प्रकार से ठप होना न केवल शासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाता है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है।

जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही की मांग
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने इस गंभीर लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई है और संबंधित जनप्रतिनिधियों से जल्द स्थाई समाधान की मांग की है।