


स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट : लक्ष्मण बिष्ट


लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा की पहल पर नगर के भेड़ खान क्षेत्र में देवदार के पेड़ों को सुनियोजित रूप से सुखाकर भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पालिका अध्यक्ष द्वारा इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और शुक्रवार को एसडीएम लोहाघाट के निर्देश पर राजस्व, वन विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया।



निरीक्षण के दौरान टीम को बड़ी संख्या में सूखाए गए देवदार के पेड़ और लोपिंग (शाखा काटने) के कई मामले मिले। साथ ही क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूमि पर अवैध कब्जा किया गया पाया गया। कुछ भवन स्वामियों ने तो देवदार के पेड़ों को अपने निर्माणाधीन भवनों के भीतर ही दबा दिया, जिसे देखकर टीम भी हैरान रह गई।


टीम द्वारा मौके पर कई भवन स्वामियों से पूछताछ की गई और अवैध कब्जे व पेड़ सूखाने की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। जांच में शामिल अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र ही उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।



गौरतलब है कि वर्तमान में भेड़ खान क्षेत्र में देवदार के पेड़ों को सुखाकर भूमि कब्जाने का अवैध कार्य तेजी से चल रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्र से देवदार वृक्षों का अस्तित्व समाप्त हो सकता है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

निरीक्षण दल में कानूनगो राजेंद्र गोस्वामी, महेंद्र चौड़िया, राजस्व उप निरीक्षक ऋषभ कुमार, रवि फर्त्याल, अमित सिंह सीपाल, हिमांशु बिष्ट, बन दरोगा नंदा वल्लभ भट्ट, बन बीट अधिकारी रोहित ढेक, अधिशासी अधिकारी सौरभ नेगी और प्रमोद महर शामिल रहे।




प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या ठोस कदम उठाता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और देवदार वृक्षों के संरक्षण के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।



