

स्थान:लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

पाटन पाटनी ग्राम पंचायत के प्रेम नगर क्षेत्र में रहने वाले लगभग 300 परिवार आज भी पेयजल की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में आज तक कोई ठोस पेयजल योजना नहीं बन सकी है, जिससे ग्रामीणों को नोलों, धारों और गधेरों से पानी लाना पड़ता है।



रविवार को क्षेत्रवासियों ने पेयजल संकट को लेकर एक बैठक आयोजित की और जिलाधिकारी चंपावत से मांग की कि प्रेम नगर को शीघ्र “हर घर नल, हर घर जल” योजना से जोड़ा जाए।



ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व 4 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई थी, जिसके तहत ट्यूबवेल और टैंक निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन पिछले एक वर्ष से यह कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।



ग्रामीणों का कहना है कि शासन और प्रशासन ने उनकी लगातार शिकायतों और पत्राचार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। इस उपेक्षा से नाराज़ ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर उनकी पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे एसडीएम कार्यालय लोहाघाट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को मजबूर होंगे।

राज्य आंदोलनकारी भूपेश देव ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस उत्तराखंड की कल्पना की गई थी, वह धरातल पर नहीं दिख रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसी राज्य के लिए लोगों ने आंदोलन किया था, जहाँ पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी भीख मांगनी पड़े।

प्रेम नगर वासियों ने जल्द ही एसडीएम लोहाघाट से मुलाकात कर समस्या का ज्ञापन सौंपने की बात कही है। बैठक में बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद रहे।



