जनसहभागिता से वानग्नि पर नियंत्रण, वन मंत्री ने गिनाई उपलब्धियां

जनसहभागिता से वानग्नि पर नियंत्रण, वन मंत्री ने गिनाई उपलब्धियां

देहरादून

रिपोर्ट- सचिन कुमार

उत्तराखंड में हर वर्ष गर्मी के साथ बढ़ने वाली वानग्नि (जंगल की आग) की घटनाओं में इस बार कमी दर्ज की गई है, जिसे लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकार की रणनीति और जनसहभागिता को इसका श्रेय दिया है।

वन मंत्री ने जानकारी दी कि, “राज्य के इतिहास में पहली बार जिलाधिकारियों और जिला प्रशासन ने वानग्नि रोकथाम में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई है। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में बनी विशेष समितियों ने बेहतर समन्वय स्थापित कर आपदा प्रबंधन मद से करोड़ों रुपये की सहायता प्राप्त की, जिससे वानग्नि पर नियंत्रण पाने में मदद मिली।”

562 हॉटस्पॉट पर बनी समितियां, जनसहयोग से मिली सफलता

वन मंत्री ने बताया कि इस वर्ष 562 वानग्नि हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए, जहाँ ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट समितियां गठित की गईं। इन समितियों के माध्यम से स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाई।

वरिष्ठ अधिकारियों को बनाया गया नोडल अफसर

सुबोध उनियाल ने यह भी बताया कि प्रत्येक जिले में पीसीसीएफ रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अफसर के रूप में नियुक्त किया गया। इन अधिकारियों के अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ फील्ड लेवल पर मिला और वन विभाग की रणनीति को मजबूती मिली।

परिणामस्वरूप वानग्नि की घटनाओं में आई गिरावट

इन सभी समन्वित प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रभाव यह रहा कि इस बार जंगलों में आग की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। वन मंत्री ने इस सफलता के लिए स्थानीय नागरिकों, ग्राम प्रधानों, वनकर्मियों और जिला प्रशासन का आभार भी जताया।