

पौड़ी

रिपोर्ट -भगवान सिंह

विकासखंड कल्जीखाल की पट्टी मनियारस्यूं के विभिन्न गांवों में लगातार पालतू पशुओं पर हो रहे गुलदार के हमलों से ग्रामीणों में गहरा भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। बीते छह महीनों से वन्य जीवों के हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।



इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने रविवार को धारी गांव का दौरा किया। उप प्रभागीय वन अधिकारी (एसडीओ) आइशा बिष्ट, वन क्षेत्र अधिकारी दिनेश चंद्र नौटियाल एवं नागदेव रेंज के वनकर्मियों ने गांव पहुंचकर पंचायत भवन में ग्रामीणों के साथ बैठक की।



बकरियों की मौत गुलदार के हमले में हुई: वन विभाग की पुष्टि
निरीक्षण के दौरान टीम ने पशुपालक सोहनलाल की गौशाला का दौरा किया और स्थल का गहन निरीक्षण कर घटना के साक्ष्य जुटाए। एसडीओ आइशा बिष्ट ने स्पष्ट किया कि, “सोहनलाल की बकरियों की मौत गुलदार के हमले में हुई है। विभागीय प्रक्रिया के तहत बजट उपलब्ध होते ही मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।”


पक्की गौशालाएं बनाने की सलाह
वन अधिकारियों ने सभी पशुपालकों को पक्की गौशालाएं बनवाने की सलाह दी ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से पशुधन की रक्षा की जा सके। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश चंद्र नौटियाल ने कहा कि, “यदि आपके क्षेत्र में कोई वन्य जीव संबंधी घटना होती है, तो नागदेव रेंज के वनकर्मियों को 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। टीम हमेशा जनता की सेवा में तत्पर है।”

ग्रामीणों ने जताई चिंता, शीघ्र मुआवजा की मांग
बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि सोहनलाल की आजीविका का एकमात्र सहारा पशुधन है, और लगातार दो बार पशुधन की हानि होने से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र मुआवजे की मांग की।


इन लोग रहे मौजूद
इस मौके पर समाजिक कार्यकर्ता पीएलवी जगमोहन डांगी, अशोक रावत, जसवीर रावत, महिला मंगल दल अध्यक्ष श्रीमती कविता देवी, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सरोज देवी, पूर्व वन पंचायत सरपंच मोहनलाल, दलवीर सिंह रावत, सोहन सिंह रावत, वनकर्मी पापेंदर कुमार व हिमांशु नेगी सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


