


स्थान :- हरिद्वार
संवाददाता :- मनोज कश्यप

उत्तराखंड में तेज़ी से बढ़ती गर्मी और जल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वन विभाग ने जंगलों में वनाग्नि रोकने के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता पर ले लिया है।



हरिद्वार के घने जंगलों में रहने वाले हाथी, बाघ, तेंदुआ, हिरण और अन्य वन्यजीवों के लिए अब पानी की तलाश का सफर छोटा हो जाएगा।

हरिद्वार वन प्रभाग की ओर से श्यामपुर, रसिया बड़, लालडांग, पथरी और रानीपुर रेंज जैसे हाथी प्रभावित क्षेत्रों में नए नलकूप (ट्यूबवेल) स्थापित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य गर्मियों के कठिन मौसम में पानी की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जा रहा है और नई जल संरचनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है।



अधिकारियों के अनुसार, भीषण गर्मी में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तो जंगली जानवरों को पानी की तलाश में मानव बस्तियों के पास आना पड़ता है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ जाती है। लेकिन अब इन प्रबंधन उपायों से वन्यजीवों को राजाजी टाइगर रिज़र्व के भीतर ही शुद्ध पानी मिलेगा।


वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान न केवल वन्यजीवों की प्यास बुझाने में सहायक होगा, बल्कि जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने में भी कारगर सिद्ध होगा, क्योंकि सूखे मौसम में जल स्रोतों का अभाव आग लगने की संभावना को बढ़ाता है।


पर्यावरणविदों और वन्यजीव प्रेमियों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जैव विविधता की रक्षा और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।




