


लोकेशन : ऋषिकेश
रिपोर्ट : सागर रस्तोगी


ऋषिकेश में अवैध निर्माण पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा के आदेश पर देहरादून मसूरी विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की टीमों ने शहरभर में छापेमारी कर आधा दर्जन अवैध निर्माणों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से बिल्डरों में हड़कंप मच गया है।


नेताओं के चक्कर काट रहे बिल्डर
कार्रवाई के बाद कई बिल्डर अपनी इमारतों को सील होने से बचाने के लिए सफेदपोश नेताओं के इर्द-गिर्द घूमते नजर आए। लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी दबाव में आकर अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


पुलिस सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई
सोमवार को एमडीडीए की पांच टीमों ने पुलिस सुरक्षा के साथ विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान विरोध के बावजूद एमडीडीए अधिकारियों की सख्ती के आगे किसी की एक न चली और सभी चिन्हित निर्माणों को विधिवत सील कर दिया गया।



इन स्थानों पर हुई कार्रवाई:
- हरिद्वार रोड, पुरानी चुंगी – हर्षित पांडे की इमारत सील
- देहरादून रोड – सुनील सोनी का निर्माण सील
- निर्मल बाग, गली नंबर 10 – कर्मवीर सिंह की इमारत सील
- गली नंबर 11 – सुमित मल्होत्रा का निर्माण सील
- मालवीयनगर – कृष्ण फर्नीचर की बिल्डिंग सील
- गुमानीवाला – विजय पालीवाल की इमारत पर कार्रवाई


एसडीएम ने दी चेतावनी
एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि सील की गई इमारतों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध माना जाएगा। यदि कोई बिल्डर दोबारा निर्माण शुरू करता है या सील तोड़ता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


एमडीडीए का सख्त संदेश
एमडीडीए की इस कार्रवाई को शहरी विकास में अनुशासन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे अन्य अवैध निर्माणकर्ताओं को भी कड़ा संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है।




