


स्थान : देहरादून


उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में लगभग दो वर्षों की लंबी सुनवाई के बाद अब न्याय की घड़ी नजदीक आ गई है। कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) में सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई, और अदालत ने 30 मई 2025 को फैसले की तिथि घोषित की है।



तीनों आरोपियों को सजा की मांग
सोमवार को अदालत में विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी ने बचाव पक्ष की अंतिम बहस का जवाब देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने इस मामले को पूरी गंभीरता से सिद्ध किया है। उन्होंने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सहआरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को कठोरतम सजा देने की मांग की।



47 गवाहों से किया गया परीक्षण
28 मार्च 2023 को शुरू हुई इस ट्रायल में अभियोजन ने कुल 47 गवाहों, जिनमें विवेचक और प्रत्यक्षदर्शी शामिल थे, को अदालत में परीक्षित कराया। कोर्ट में सभी तकनीकी, चिकित्सकीय, फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को गहराई से प्रस्तुत किया गया।


जेल से अदालत में पेश हुए आरोपी
सोमवार को सुनवाई के दौरान तीनों आरोपी — पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता — संबंधित जनपदों की जेलों से कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किए गए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों की सुनवाई पूरी करने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया।

क्या है मामला?
18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी, जो वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत थीं, की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उनके साथ कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया गया और विरोध करने पर उन्हें ऋषिकेश स्थित चिल्ला नहर में धक्का दे दिया गया। उनका शव 24 सितंबर 2022 को पुलिस और SDRF द्वारा बरामद किया गया था।

प्रदेश और देश की नजरें फैसले पर
इस हत्याकांड ने उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देशभर में आक्रोश फैला दिया था। मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद संवेदनशील रहा है। अब जब फैसला 30 मई को आने वाला है, तो पीड़िता के परिजन, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन न्याय की उम्मीद में टकटकी लगाए हुए हैं।



