शहर में स्वास्थ्य विभाग की अचानक कार्रवाई से प्राइवेट अस्पतालों में हड़कंप मच गया। एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई निजी अस्पतालों पर छापेमारी की। इस दौरान नियमों के उल्लंघन के आरोप में पाँच अस्पतालों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
नियमों का हो रहा था उल्लंघन स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से कुछ अस्पतालों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। छापेमारी के दौरान कई अस्पतालों में डॉक्टर मौजूद नहीं थे, और कई स्थानों पर सरकारी मानकों का उल्लंघन पाया गया। जिन अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है उनमें प्रमुख हैं:
मैक्स हॉस्पिटल
हानिया हॉस्पिटल
दून मेडिकेयर
और अन्य स्थानीय निजी अस्पताल
एसीएमओ का बयान डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि:
“पहली बार नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना और चेतावनी दी जाती है। अगर दोबारा गलती होती है तो 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और अस्पताल सील करने की कार्रवाई की जाएगी।”
कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी स्वास्थ्य विभाग की यह सख्ती यहीं नहीं रुकेगी। डॉ. वर्मा ने बताया कि ऐसे अस्पताल जो बिना पंजीकरण, अयोग्य स्टाफ, या अनुचित ढंग से इलाज कर रहे हैं, उनके खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जनहित में चेतावनी: स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि इलाज के लिए पंजीकृत और मान्यता प्राप्त अस्पतालों का ही चयन करें और किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत तुरंत विभाग को करें।