


टॉप- देहरादून

सचिन कुमार

देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए अब पुलिस महकमा भी हाईटेक हो रहा है। इसी क्रम में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक विशेष “साइबर कमांडो” शाखा की स्थापना की जा रही है। इस पहल के तहत उत्तराखंड पुलिस के 72 जवानों का चयन कर उन्हें छह माह का विशेष साइबर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी:
इन चयनित जवानों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, थ्रेट इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, क्रिप्टोग्राफी और नेटवर्किंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से जवानों को साइबर हमलों की पहचान, घटना प्रतिक्रिया, और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण की व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण स्थल:
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखंड, नवनीत सिंह ने जानकारी दी कि चयनित कर्मियों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों जैसे आईआईटी और नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां जवानों को अत्याधुनिक उपकरणों के साथ वास्तविक समय की साइबर क्राइम सिचुएशन्स में काम करने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
साइबर सुरक्षा में निभाएंगे अहम भूमिका:
प्रशिक्षण के उपरांत इन जवानों को डिजिटल फॉरेंसिक जांच, इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीमों, और आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जाएंगे। इससे राज्य की साइबर सुरक्षा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

प्रशासन की मंशा:
उत्तराखंड पुलिस का उद्देश्य है कि राज्य को साइबर अपराध मुक्त बनाना, और तकनीक की मदद से अपराधियों पर तेजी से कार्रवाई करना।


