

स्थान:लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट

चंपावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा से लगे आपदाग्रस्त मटि

यानी ग्राम सभा के नकेला तोक में शनिवार शाम हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर लोगों को पिछले वर्ष की भयावह आपदा की याद दिला दी। सड़क से बहे मलवे और पानी ने कई घरों में घुसकर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया।



स्थानीय निवासी गंगा सिंह, मानसिंह, उमेद सिंह, देव सिंह, मदन सिंह, प्रकाश और कैलाश ने बताया कि तेज बारिश से निकला मलबा और पानी सीधे उनके घरों में घुस गया। लोगों ने बताया कि प्रशासन ने पिछले वर्ष आपदा के बाद सुरक्षात्मक कार्य करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्य नहीं हुआ।



गौरतलब है कि पिछले वर्ष नकेला तोक में बादल फटने से एक छात्र और एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी, वहीं कई घर, खेत और मवेशी तबाह हो गए थे। उस समय स्वयं जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे थे, और मुख्यमंत्री ने भी स्थिति की जानकारी ली थी।


कमलेड़ी के ग्राम प्रधान प्रशासक संजय भट्ट ने बताया कि विभाग द्वारा मना करने के बावजूद सड़क का गलत तरीके से कटान किया गया है, जिससे बारिश का पानी और मलबा सीधे लोगों के घरों में जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार फिर आपदा आती है और कोई जनहानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


ग्रामीणों का कहना है कि मानसून शुरू होने में अब सिर्फ दो महीने बचे हैं, और उन्हें हर बारिश के साथ डर सता रहा है। नकेला के लोग अब तक पिछले साल की तबाही को नहीं भूले हैं और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में सुरक्षात्मक कार्य और सड़क की मरम्मत की जाए।

फिलहाल शनिवार की बारिश ने ही ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है और गांव में भारी नाराजगी व आक्रोश का माहौल है।


