


स्थान -चमोली,गोपेश्वर

गोपेश्वर, 25 अप्रैल।
श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा 25 मई 2025 से आरंभ होने जा रही है, और इसके सुचारु संचालन के लिए भारतीय सेना के जवान लोकपाल घाटी में बर्फ से ढके गुरु आस्था पथ को सुरक्षित और सुगम बनाने में पूरा समर्पण और जोश के साथ जुटे हुए हैं।



गोविंद धाम से लेकर अटलाकोटी तक के मार्ग पर इन जवानों द्वारा किया जा रहा कार्य न केवल शारीरिक क्षमता का प्रमाण है, बल्कि देशवासियों की आस्था और विश्वास के प्रति उनकी गहरी निष्ठा को भी दर्शाता है।


श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सीनियर मैनेजर सरदार सेवा सिंह ने जानकारी दी कि सेना की विशेष टुकड़ी गोविंद धाम से बर्फ हटाते हुए अटलाकोटी क्षेत्र तक पहुँच गई है और कल तक श्री हेमकुंड साहिब परिसर तक भी पहुँच जाएगी। इसके बाद हेमकुंड परिसर में बर्फ हटाने का कार्य आरंभ होगा और अंत में हेमकुंड साहिब से नीचे की ओर बर्फ हटाई जाएगी।

इस कठिन और जोखिम भरे कार्य में सेना के जवानों के साथ ट्रस्ट के सेवादार भी पूरी निष्ठा से सहयोग कर रहे हैं। ऊँचाई, प्रतिकूल मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ इन योद्धाओं की सेवा भावना को डिगा नहीं पातीं।


हाल ही में कश्मीर में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में जब पूरा देश शोक व आक्रोश से भरा है, ऐसे समय में यह दृश्य भारतीय सेना की मानवीय भूमिका को और भी स्पष्ट करता है। जहाँ एक ओर सेना सीमाओं की रक्षा करती है, वहीं दूसरी ओर तीर्थ यात्राओं को सुचारु व सुरक्षित बनाने में भी उनका योगदान अमूल्य है।

बर्फ से ढके मार्ग को साफ करना, तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग को सुरक्षित बनाना, तथा रास्ते में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सेना और ट्रस्ट की संयुक्त प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह कार्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है।


श्री हेमकुंड साहिब यात्रा, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक विश्वास का केंद्र होती है, उसमें सेना का यह योगदान अदृश्य लेकिन अमूल्य आधारशिला के समान है। यह केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि देश और नागरिकों के प्रति प्रेम का सच्चा प्रमाण है।


