वनभूलपुरा हिंसा मामले में हाईकोर्ट सख्त, अब्दुल मलिक व बेटे समेत 19 को नहीं मिली राहत

वनभूलपुरा हिंसा मामले में हाईकोर्ट सख्त, अब्दुल मलिक व बेटे समेत 19 को नहीं मिली राहत

स्थान -नैनीताल

नैनीताल, 25 अप्रैल।
हल्द्वानी के वनभूलपुरा हिंसा मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद समेत 19 आरोपियों को उत्तराखंड हाईकोर्ट से एक बार फिर कोई राहत नहीं मिली है। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें अगली तारीख 5 मई निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि अब्दुल मलिक को पहले ही राजकीय भूमि को खुर्द-बुर्द करने के मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन हिंसा फैलाने से जुड़े मामलों में उनकी और अन्य सहआरोपियों की जमानत याचिका लंबित है। इस बीच कोर्ट में राज्य सरकार ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि वनभूलपुरा हिंसा की जड़ में यही अतिक्रमण था। जब प्रशासन अवैध कब्जा हटाने पहुंचा, तो पथराव किया गया, जिसने बाद में भीषण हिंसा का रूप ले लिया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी और सरकारी कर्मचारी घायल हुए, जबकि कुछ की जान भी चली गई

राज्य सरकार ने कहा कि अब्दुल मलिक पर कूटरचित व झूठे शपथपत्र के माध्यम से नजूल भूमि पर कब्जा करने, प्लॉटिंग करने और अवैध निर्माण कर उसे बेचने जैसे गंभीर आरोप हैं। मलिक व अन्य आरोपियों पर चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं।

वहीं, आरोपियों की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि उन्हें झूठा फंसाया गया है, और एफआईआर में उनके नाम तक नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा के अन्य आरोपियों को पहले ही कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी जमानत पर रिहा किया जाए।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने फिलहाल किसी भी आरोपी को राहत नहीं दी है और अगली सुनवाई 5 मई को तय की है।