

लोकेशन – ऋषिकेश

संवाददाता – सागर रस्तोगी

लक्ष्मण झूला के बगल में निर्माणाधीन बजरंग सेतु अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। 132 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा यह अद्वितीय सेतु जनपद टिहरी और पौड़ी को जोड़ने का कार्य करेगा। दोनों छोर आपस में जुड़ चुके हैं, और अब केवल ग्लास पाथ, रेलिंग, रंग-रोगन व लाइटिंग का कार्य शेष है।



केदारनाथ की आकृति में बना प्रवेश द्वार, कांच का आकर्षक फुटपाथ
बजरंग सेतु के निर्माण को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए इसमें कई नवीनताएं जोड़ी गई हैं। पुल के दोनों किनारों पर केदारनाथ मंदिर की आकृति में बने पिलर इसकी भव्यता में चार चाँद लगा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सेतु पर 1.5-1.5 मीटर चौड़े और 65 मिमी मोटे पारदर्शी कांच के फुटपाथ बनाए जा रहे हैं, जो इसे भारत के चुनिंदा ग्लास ब्रिज में शामिल करेंगे।



कैबिनेट मंत्री का दावा – एक सप्ताह में खुलेगा पुल
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी देते हुए कहा कि, “बजरंग सेतु का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसे अगले **सप्ताह भर में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खोला जाएगा।“*

निर्माण कार्य अंतिम चरण में
अधिशासी अभियंता विजय मोघा ने बताया कि पुल के तारों पर स्ट्रक्चर फिट हो चुका है, पायदान का कार्य पूरा हो गया है और अब शीघ्र ही ग्लास पाथ और रेलिंग लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।

निर्माण का इतिहास और समयसीमा
बजरंग सेतु का निर्माण कार्य वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग नरेंद्र नगर द्वारा शुरू किया गया था। प्रारंभ में इसे जुलाई 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य था, जिसे बाद में दिसंबर 2024 और अब 31 मई 2025 तक बढ़ाया गया। लेकिन मंत्री उनियाल के अनुसार, अब समय से पहले ही पुल जनता को समर्पित किया जाएगा।



