बंगाल हिंसा को लेकर राष्ट्रपति शासन की मांग, एकता जन सेवा फाउंडेशन ने सौंपा ज्ञापन

बंगाल हिंसा को लेकर राष्ट्रपति शासन की मांग, एकता जन सेवा फाउंडेशन ने सौंपा ज्ञापन

स्थान -हरिद्वार

पश्चिम बंगाल के मर्शिदाबाद जिले के धुलियान इलाके में 11 अप्रैल 2025 को कथित रूप से हिंदू समुदाय और धार्मिक स्थलों पर हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के विरोध में एकता जन सेवा फाउंडेशन – एंटी करप्शन सेल ने राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।

फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष शिवम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ठाकुर ने दावा किया कि धुलियान में मूर्तियों को तोड़ा गया, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुँचाया गया, और हिंदू महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आईं।

“पुलिस भी बनी हमले का शिकार”

शिवम ठाकुर के अनुसार, जब पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर पहुंचा, तो उनके हथियार छीन लिए गए और पुलिसकर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो देश के अन्य राज्यों में भी ऐसी घटनाएं फैल सकती हैं।

ममता सरकार पर सवाल

ज्ञापन में उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि “जब पूरे देश का दिल इस घटना से दहल उठा, तब भी वहां की सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई।” उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए, ताकि हालात काबू में आ सकें और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

इस घटना ने सामाजिक संगठनों के साथ-साथ आम नागरिकों में भी चिंता की लहर पैदा कर दी है। वहीं, अब यह देखना होगा कि इस ज्ञापन पर केंद्र और राष्ट्रपति भवन की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।