भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग का ब्रेकथ्रू सफल, लेकिन सौड़ गांव के ग्रामीणों ने मकानों में दरारें आने पर जताई चिंता

भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग का ब्रेकथ्रू सफल, लेकिन सौड़ गांव के ग्रामीणों ने मकानों में दरारें आने पर जताई चिंता

रिपोर्ट भगवान सिंह

स्थान -पौड़ी गढ़वाल

ऋषिकेश, 18 अप्रैल – भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग के सफल ब्रेकथ्रू के अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना के सुरंग स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

125 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में करीब 105 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों के माध्यम से बनाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

लेकिन इस सफलता के बीच सौड़ गांव के ग्रामीणों ने परियोजना के दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जाहिर की है। गुरुवार को ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी अनिल गैर्ब्याल से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई कि सुरंग निर्माण के कारण उनके घरों में गंभीर दरारें आ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके घर रहने लायक नहीं बचे हैं, और वे किसी भी वक्त गिरने का खतरा बन गए हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें जो मुआवजा राशि दी जा रही है वह न्यूनतम और अपमानजनक है, जबकि उन्हें पूरे मकान की सही कीमत दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे 1 मई से आंदोलन शुरू करेंगे।

ग्रामीणों के साथ पहुंचे मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक लूशुन टोडरिया और यूकेडी नेता अर्जुन नेगी ने भी प्रभावित परिवारों की मांग को जायज़ ठहराते हुए कहा कि सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित मुआवजा दिलाना चाहिए