

स्थान:लोहाघाट (चंपावत)
रिपोर्ट:लक्ष्मण बिष्ट

लोहाघाट (13 अप्रैल)।
लोहाघाट ब्लॉक के खतेड़ा गांव स्थित प्रसिद्ध सतचूली मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय देवी महोत्सव का शनिवार को मां महामाया भगवती एवं मां महाकाली की भव्य रथ यात्रा के साथ समापन हो गया। सुबह मंदिर परिसर में मुख्य पुजारी दयानंद चिल्कोटी ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई।



दोपहर बाद देवस्थली खतेड़ा में देव गद्दी लगाई गई। इस दौरान मां भगवती के देव डांगर दलीप सिंह, कालिका मइया के चंद्रकांत चिल्कोटी, एवं अघ्या वीर के नारायण सिंह बोहरा देवी रथ में सवार हुए।

रथ यात्रा में बिल्वा बेताल के रमेश रावत, कालिका वीर लक्ष्मण रावत, गजार के राम सिंह बोहरा, गंगा सिंह रावत, ऐड़ी बाबा के पूरन सिंह बोहरा, कैलपाल फतेह सिंह रावत, सुनील सिंह रावत, और कालशन बाबा के धन सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए भागीदारी निभाई।

रथ यात्रा में महिलाओं ने वीर रस से ओत-प्रोत गीत गाते हुए रस्सों से रथ को खींच रहे युवाओं का उत्साहवर्धन किया। दोपहर बाद अचानक बारिश की फुहारें शुरू हो गईं, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।


अपराह्न 5 बजे करीब 3 किलोमीटर की दुर्गम चढ़ाई पार करते हुए देवी रथ मंदिर परिसर में पहुंचा। जैसे ही रथ मंदिर परिसर पहुंचा, वातावरण ‘जय माता दी’ के नारों से गूंज उठा। उपस्थित महिलाओं ने देवी रथ पर पुष्पवर्षा कर मां का स्वागत किया।
मंदिर परिसर में एक विशाल मेले का आयोजन भी किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने खरीदारी के साथ मेले का खूब आनंद उठाया।


इस अवसर पर महोत्सव समिति के संरक्षक डॉ. सुधाकर जोशी, अध्यक्ष महेंद्र बोहरा, उपाध्यक्ष खड्ग सिंह बोहरा, सचिव नाथ सिंह, कोषाध्यक्ष नारायण सिंह रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोहरा, तहसीलदार जगदीश नेगी, हरीश सिंह, खिलानंद चिल्कोटी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व श्रद्धालु मौजूद रहे।

इस पांच दिवसीय देवी महोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को बल दिया, बल्कि लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर एक ऐतिहासिक यादगार बना दिया।


