

स्थान:लोहाघाट ( चंपावत)
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

लोहाघाट, 10 अप्रैल।
लोहाघाट ब्लॉक के सीमांत मौड़ा गांव को आजादी के 76 साल बाद पहली बार सड़क सुविधा मिल पाई है। लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के अथक प्रयासों से यह गांव अब वाहन मार्ग से जुड़ गया है। सड़क का निर्माण होने के बाद ग्रामीणों ने खुशी का इज़हार करते हुए मिठाईयां बांटी और विधायक अधिकारी का आभार व्यक्त किया।


गांव के पूर्व सैनिक नायक सूबेदार केदार सिंह बोरा, पूर्व सैनिक हवलदार दिलीप सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता रोशन लंबे समय से इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनका संघर्ष रंग लाया और आजादी के 76 वर्ष बाद मौड़ा गांव में पहली बार वाहन पहुंचा।



पूर्व सैनिक केदार सिंह बोरा ने बताया कि मौड़ा गांव में पहले कई जनप्रतिनिधि आए, लेकिन सड़क पहुंचाने के सभी प्रयास विफल रहे थे। उन्होंने कहा, “जब हमने यह समस्या विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के सामने रखी, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और ग्रामीणों को सड़क की सुविधा दिलवाने के लिए विधायक निधि से तीन किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया। अब हम सभी ग्रामीण विधायक अधिकारी के आभारी हैं।”


पूर्व सैनिक बोरा ने यह भी बताया कि सड़क के अभाव में गांव से पलायन हो रहा था, और मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सड़क तक लाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता था। किसानों को अपने कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई होती थी। इसके अलावा, सड़क न होने से ग्रामीणों को रोज कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था।


ग्रामीणों ने विधायक अधिकारी के साथ-साथ विधायक प्रतिनिधि चांद बोहरा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अमर सिंह कोटियाल और नारायण दत्त उप्रेती को भी धन्यवाद दिया।


