स्थानीय एमबी महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ।

स्थानीय एमबी महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ।

हल्द्वानी

स्थानीय एमबी महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तत्वाधान में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ।मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता हुकुम सिंह बोरा राजकीय महाविद्यालय सोमेश्वर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अनीता प्रकाश ने वर्तमान परिपेक्ष्य में भक्ति काल की प्रासंगिकता विषय पर ओजस्वी व्याख्यान दिया ।

डॉ अमिता प्रकाश के अनुसार भक्ति काल जीवन मूल्यों नैतिक मूल्यों के लिए प्रसिद्ध था। यथार्थवाद समरसता स्त्री चेतना दलित विमर्श आज भी प्रासंगिक है। स्त्री विमर्श स्त्री चेतना सूरदास जी की रचनाओं में बहुत आसानी से मिल जाता है ।दलित विमर्श का जन्म भी भक्ति काल में हुआ था ।वर्तमान के असंख्य बिंदु हमें भक्ति काल के साहित्य में मिलते हैं ।

समाज में समरसता अगर नहीं होगी तो हम निश्चित ही पीछे चले जाएंगे ।सामान्य समरसता के कारण हम उन्नति की और अग्रसर रहेंगे। छात्र छात्राओं ने उनके द्वारा दिए गए व्याख्यान का आनंद लिया और उनके द्वारा पूछे गए प्रश्न का समाधान भी किया गया। अध्यक्ष डॉ प्रभा पंत द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया। इस अवसर पर डॉ अनिता जोशी डॉ चंद्रा खत्री डॉ दीपा गोबाड़ी डॉ बिमला सिंह डॉ जयश्री भंडारी डॉ जेसी जोशी डॉ विक्रम राठौर डॉ आशा हरबोला सूरज राकेश पूजा भट्ट आदि उपस्थित थे।संचालन डॉ विक्रम राठौर द्वारा किया गया