जंगली जानवरों के आतंक से परेशान किसानों को राहत की उम्मीद, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

जंगली जानवरों के आतंक से परेशान किसानों को राहत की उम्मीद, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

बहादराबाद क्षेत्र के बोंगला और खेलड़ी गांवों में नीलगायों तथा अन्य जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक को लेकर किसानों की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। वर्षों से फसलों को हो रहे नुकसान और किसानों के लगातार विरोध के बाद प्रशासन ने वन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

किसानों का कहना है कि नीलगाय, रोज़ और अन्य जंगली जानवर रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और खेती करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिन गांवों में जंगली जानवरों का प्रभाव सबसे अधिक है, वहां वन विभाग की विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करेंगी और स्थिति पर नजर रखेंगी।

उन्होंने कहा कि वन विभाग किसानों को ऐसे व्यावहारिक उपायों की जानकारी भी देगा, जिनकी मदद से फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। साथ ही प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) को पूरे मामले की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान की फसल को जंगली जानवरों के कारण नुकसान पहुंचा है तो उसका नियमानुसार सर्वे कराया जाएगा। नुकसान का आकलन होने के बाद पात्र किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

बोंगला क्षेत्र के किसान ईश्वर चौहान समेत कई किसानों का आरोप है कि नीलगायों और अन्य जंगली जानवरों के आतंक के कारण करीब 1000 बीघा कृषि भूमि पर पिछले पांच से सात वर्षों से खेती गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि लगातार नुकसान के चलते कई लोग खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।

किसानों ने पूर्व में चेतावनी दी थी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे वन विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे। हालांकि प्रशासन की ओर से उठाए गए ताजा कदमों के बाद किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा और उनकी फसलें सुरक्षित रह सकेंगी।