सावन की दस्तक के साथ हरी चूड़ियों की बढ़ी मांग, कश्मीरी और जर्कन डिजाइनों का क्रेज

सावन की दस्तक के साथ हरी चूड़ियों की बढ़ी मांग, कश्मीरी और जर्कन डिजाइनों का क्रेज

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

सावन माह शुरू होते ही बाजारों में हरियाली और श्रृंगार की रंगत दिखाई देने लगी है। तीर्थनगरी के चूड़ी बाजार इन दिनों हरी चूड़ियों की चमक से गुलजार हैं। महिलाओं और युवतियों में इस बार खासतौर पर कश्मीरी घुंघरू, प्लेन जेली ग्रीन और जर्कन चूड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

चूड़ी व्यापारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुए इन नए डिजाइनों का असर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। पारंपरिक मेटल और अन्य डिजाइनों की तुलना में महिलाएं अब आधुनिक और आकर्षक ग्रीन चूड़ियों को अधिक पसंद कर रही हैं।

घाट रोड के चूड़ी व्यापारियों ने बताया कि करीब 20 वर्षों के कारोबार में पहली बार किसी एक डिजाइन की चूड़ियों को लेकर इतना उत्साह देखने को मिल रहा है। दुकानों पर पहुंचने वाली अधिकांश महिलाएं और युवतियां सबसे पहले कश्मीरी, जेली और जर्कन ग्रीन चूड़ियों की मांग कर रही हैं।

व्यापारियों का कहना है कि सावन के दौरान हरी चूड़ियों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी होता है। इसी वजह से हर साल इस मौसम में चूड़ियों की बिक्री बढ़ती है, लेकिन इस बार सोशल मीडिया ट्रेंड के कारण नए डिजाइनों की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है।

महिलाओं में बढ़ा आकर्षण बाजार में भी नजर आ रहा है। चमकदार जर्कन वर्क और घुंघरू वाली कश्मीरी चूड़ियां पारंपरिक श्रृंगार के साथ-साथ आधुनिक फैशन का भी हिस्सा बन रही हैं।

चूड़ी कारोबारियों को उम्मीद है कि सावन और आगामी त्योहारों के दौरान हरी चूड़ियों की बिक्री में और तेजी आएगी। दुकानदारों ने नए ट्रेंड के अनुसार स्टॉक भी बढ़ाना शुरू कर दिया है।

कुल मिलाकर सावन की शुरुआत के साथ तीर्थनगरी के बाजारों में हरी चूड़ियों की खनक सुनाई देने लगी है और महिलाओं में नए डिजाइनों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।