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रिपोर्टर – दीपक नौटियाल

स्थान – उत्तरकाशी

शिक्षा हर भारतीय हर नौनिहाल का नैतिक अधिकार है आरटीआई योजना के तहत सरकार कार्य भी कर रही है आरटीआई योजना जिसके तहत हर नौनिहाल यानी कि कि हर बालक बालिकाओं को शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है जिसके लिए जनपद स्तर पर माडल स्कूल भी खोले गये है ओर रिजल्ट सरकारी आंकड़ों मे सही भी आ रहे है पर दूरस्थ क्षेत्रों मे आरटीआई कैसे आंकड़े दे रही है कभी सोचा है हमने कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है हमारे नौनिहालों के भविष्य से दिखिये ये रिपोर्ट
जनपद उत्तरकाशी के दूरस्थ क्षेत्र गाजणा पट्टी का प्राथमिक विद्यालय भडकोट जो सडक से महज 10मीटर की दूरी पर है यहां हर आने-जाने वाले की नजर पडती है यहां पडते है भडकोट सटियालीधार कफ्लव्यूणी गांव के भविष्य
जो छात्र आप टेवल पर देख रहे है इनके पिता इनके उज्जवल भविष्य के लिए दूर देशों मे होटलों मे नौकरी कर इनके भविष्य के लिए पैसे भेज रहे है पर हकीकत क्या है वो नही समझ रहे है जरा देखिए


जनपद उत्तरकाशी का प्राथमिक विद्यालय भडकोट कहने को तो यहां हर सुविधाएं है सरकार द्वारा मिड-डे-मील भी मिल रहा है सारी सरकारी योजनाओं को लेकर अभिभावक सरकार का गुणगान भी कर रहे है पर जब अपने नौनिहालों के बस्ते देखते है तो पलायन की सोच उनके समाने आ जाती है वो कैसे हम आपको दिखाएंगे
उत्तरकाशी जनपद का गाजणा क्षेत्र जहां अधिकांश लोग होटल व्यवसाय से जुड़कर विदेशों मे नौकरी कर गांव मे अपने नौनिहालों को पडकर बडे सपने देख रहे है पर सरकार की योजनाएं उनके सपनों को कैसे तोड रही है जरा देखिए
उत्तरकाशी जनपद का सुदूर वर्ती क्षेत्र गाजणा जोकि विकाशखण्ड डुण्डा के अन्तर्गत पडता है वहा के गांव भडकोट के प्राथमिक विद्यालय जहां वर्तमान मे 81 छात्र छात्राएं अध्यनरत है कहने को तो सरकार ने इस विद्यालय को हर सुविधाएं दी है पर शिक्षक के नाम पर एक शिक्षक इन नौनिहालों का भविष्य वैतरणी पार लगा रहा है

आप सोच सकते है कि प्राइवेट स्कूलों मे हर शिक्षार्थी पर स्टाफ मोजूद रहता है पर यहां कैसे एक शिक्षक इतने शिक्षार्थियों को पढाता होगा शिक्षक ने परेशान होकर अपने खर्चे पर यहां वैकल्पिक शिक्षिका की तैनाती भी कर दी है पर हासील पाई जीरों फिलहाल यहां के लोगों ने यहां से अपने बच्चों को इस स्कूल से बच्चों को हटाने का काम सुरु कर दिया है ओर आने वाले समय मे यह स्कूल छात्र विहिन हो सकता है आपको बतादे कि दूरस्थ इस क्षेत्र मे अधिकांश लोग होटल व्यवसाय से जुडे है ओर दूर प्रदेश मे नौकरी करते है पर आजतक इन्होंने पलायन नही किया है पर स्कूलों मे शिक्षक न होने के कारण यह लोग पलायन को मेबूर हो सकते है


