कॉर्बेट से सटे तराई पष्चिमी डिवीजन रामनगर का वातावरण भी वाघो को खूब भा तो रहा हैं क्या वन विभाग के लिए बनेगा चुनौती।

कॉर्बेट से सटे तराई पष्चिमी डिवीजन रामनगर का वातावरण भी वाघो को खूब भा तो रहा हैं क्या वन विभाग के लिए बनेगा चुनौती।

स्थान- रामनगर, उत्तराखंड
संवाददाता- सलीम अहमद साहिल

आपको बता दे कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को बाघों की राजधानी कहा जाता है, दरअसल देश में 53 टाइगर रिजर्व है और कॉर्बेट पार्क में 260 बाघ रिकॉर्ड हुए है। बाघों के बेहतर संरक्षण पूर्व में रहे अधिकारियों की मेहनत का नतीजा है कि यहां बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।,एनटीसीए की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में इस बार 260 बाघ रिकॉर्ड हुए। पिछली गणना में बाघों की संख्या 231 थी।

हालांकि अब 319 बाघ रिकॉर्ड हुए, वाघो की संख्या में लगातार हो रही बृद्धि से वन्यजीव मानव संघर्ष की घटनाओ में भी बृद्धि हुई हैं जो एक चिंता का विषय हैं तो वही कॉर्बेट से सटे तराई पष्चिमी डिवीजन रामनगर का वातावरण भी इन दिनों बाघों को खूब भा रहा है लगातार वाघो के कुनबे में बृद्धि हो रही हैं। तराई पष्चिमी डिवीजन आवादी से लगा हुआ क्षेत्र होने के कारण वन्यजीव मानव संघर्ष को रोकना बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है

इस चुनोती से निपटने के लिए वन विभाग क्या रणनीति बनाता हैं ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा ज्यादा जानकारी देते हुए रामनगर तराई पष्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चन्द्र आर्य ने बताया कि 2018 के बाद अब 2023 में आकड़े आये है,तराई पष्चिमी वन प्रभाग क्षेत्र में 39 टाइगर से बढ़कर 52 टाइगर हो गये है, डीएफओ प्रकाश चंद्र ने जनता से अपील करते हुए कहा है विभाग का सभी लोग सहयोग करें।