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रिपोटर -गोविन्द रावत

स्थान – सल्ट /अल्मोड़ा

दोपहर लगभग 2:30बजे रामनगर के लगभग में भिक्यासैन को जा रहा था. मैंने देखा कि एक गया नाली में पड़ी है गर्दन पहाड़ी की ओर हुई थी.मैंने रुक के देखा कि, गाय किसी कष्ट में तो नहीं…मेरा अनुमान सही निकला.गाय बहुत हाँफ रहीं थी और सायद धूप भी और प्यास भी लगी होगी.अपने वाहन से मैंने पानी और 1मग निकाल के पानी पिलाने का प्रयास किया.
कुछ पानी पीया. खिलाने को कुछ नहीं था सिर्फ कुछ फल थे वाहन में तो खिलाये. और कुछ जान आई ऐसा मुझे महसूस हुवा.
बार बार गाय अपने कपड़े की पट्टी बंधे हुवे पैर को चाट रही थी.खोल के पता चला कि, दर्द इसी वज़ह से हो रहा है.पैर में एक बड़ा सा घाव और पैर की हड्डी टूटी हुई नज़र आई.दूसरे दिन वापसी में एक स्थानीय बालक हिमांशु जो घट्टी पर हिमालय दर्शन नामक स्थान पर एक चाय पानी की दुकान चलाते हें


उनसे सम्पर्क किया. (पिछले वर्ष भी एक गाय को जोकि, रोड से 500मीटर गहरी खाई में गिर गई थी. का भी उपचार व मदद कई दिनों तक इन्हीं के सहयोग से सम्पन किया था.)ने स्थानीय कोई पशु चिकित्सक से सम्पर्क करवा के 3-4दिनों तक देख रेख व दवा इंजेक्शन इत्यादि. करते रहे.और आसपास कोई आबादी नहीं होने के कारण मदद ठीक से नहीं हो पा रही थी जिसकारण में गौ सेवा केलिए मदद की गुहार लगा रहा था और. कल दिनाँक:-4/05/2023को श्री सूरज चौधरी नामक गौ भक्त अपने निजी कार्य से भतरोंज खान जा रहे थे उनकी उक्त गाय पर नज़र पड़ी तो वे उक्त गाय को अपनी कार में समसान घाट स्थित रामनगर गौ शाला ले आये.किन्तु,जिनका लाख लाख शुक्रिया.मुझे वर्मा जी द्वारा पता चला कि, उक्त गाय आ चुकी है.आज में पुनः गौ माता के दर्शन हेतु हालचाल जानने पहुंचा तो गाय को कोई देखने भी नहीं आया था ऐसा वहाँ पहुंच कर मालूम हुवा.गाय यूँ ही पड़ी हुई थी. मक्खीयों ने पूरा शरीर ढका हुवा था.फिर मैंने बोला पंखा तो चलवा देंतो वहां के गौसेवक बोले आप ले आओ. नयातो में तुरंत 1 पंखा लेकर आया और इलेक्टरीसन को लाया. और गाय को सानी पानी करके दवा, डॉक्टर ड्रेसिंग सब कम्प्लीट कर के दोपहर वापस नास्ता करने घर पहुंचा

.अभी सामको भी चैक करने जाना है. और रोज़ ड्रेसिंग करनी पड़ेगी,ये सब लिख दिया कहानी को. लेकिन मेन बात ये है कि, कुछ लोग सिर्फ नाम के लिए दिखावे के लिए करते हें. दिल से निश्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए. कल से गाय यहाँ छोड़ दी उसके बाद कोई सुध लेने वाला नहीं.ये गलत है.दवा, पानी खाना इत्यादि भी देखना जरुरी है


