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रिपोटर – दीपक अधिकारी

स्थान – हल्द्वानी

इस बार प्रदेश में गेहूं की पैदावार अच्छी हुई मगर किसानों को सरकारी रेट अच्छे न मिलने के कारण उन्होंने निजी एंजेसियों को गेहूं बेचा। गेहूं खरीद वर्ष 2023- 24 के लिए कुल दो लाख मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था जिसमें 50 लाख मिट्रिक टन गढ़वाल मंडल का तो 1.5 लाख कुमाऊं का निर्धारित किया गया था।


गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी इस बार बढ़ाकर 2125 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया था मगर सरकार किसानों को आकर्षित करने में विफल रही क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक अधिकारी कुमाऊं मंडल बीएस चलाल ने बताया कि किसानों को प्राइवेट एजेंसियां इससे ज्यादा मूल्य दे रहीं हैं जिसके चलते अभी तक कुमाऊं में मात्र 121 कुंतल गेहूं खरीदा गया है। जिसमें 101 कुंतल आरएफसी के कांटे में आया है बाकी का 20 कुंतल सहकारी समितियों ने खरीदा है। कुछ गेहूं सीड में चला गया है जबकि छोटा गेहूं जो है उसके रेट 2200 रुपए कुंतल मिल रहे हैं।

आपको बता दें कि उत्तराखंड में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो गई थी, और इस बार करीब 2 लाख 84 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई थी जिससे करीब 8.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन की उम्मीद थी। बहरहाल आंकडों पर नजर डालें तो सरकार के दावे हवा साबित हो चुके हैं और अब किस प्रकार विभाग भरपाई करेगा यह सोचने वाली बात होगी।


