
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सबसे पहले खबरें जानने के लिए हमारे न्यूज़ ही चैनल. News Portal uk सब्सक्राइब जरूर करें ख़बरों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें – 9634912113,- 8057536955 न्यूज़ पोर्टल, उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल में सभी विधान सभा स्तर पर संवाददाता\विज्ञापन संवाददाता, ब्यूरो चीफ की आवश्यकता हैं-


रिपोटर -लक्ष्मण बिष्ट

स्थान -लोहाघाट

लोहाघाट के निजी विद्यालयों के द्वारा एनसीईआरटी की पुस्तकों के अलावा प्राइवेट प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदवाने पर अभिभावकों में काफी आक्रोश फैल गया है अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया अभिभावकों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि लोहाघाट में निजी विद्यालयों के द्वारा अभिभावकों से एनसीईआरटी की किताबों के अलावा चार पांच अन्य प्राइवेट प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदवाई जा रही है या दबाव बनाया जा रहा है लेकिन शिक्षा विभाग के द्वारा इन विद्यालयो में कोई कार्रवाई नहीं करी जा रही है शुक्रवार को नगर के जागरूक अभिभावकों के द्वारा लोहाघाट के खंड शिक्षा अधिकारी भानु प्रताप कुशवाहा को ज्ञापन देकर इन विद्यालय पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है अभिभावकों ने कहा निजी विद्यालय अपनी मनमानी पर उतर चुके हैं


शिक्षा विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करी जा रही है तथा बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक चुप रहने को मजबूर हैं अभीभावको ने कहां कुछ विद्यालय स्कूल से ही निजी प्रकाशकों की किताबें बच्चों को महंगे दामों में बेच रहे हैं उन्होंने कहा जहां एनसीईआरटी की किताबें 300 से ₹400 में आ रही है वहीं निजी प्रकाशकों की किताबें 1400 से ₹1500 तक में आ रही है जिस कारण अभिभावकों में काफी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक खामोश है अभिभावकों ने कहा शिक्षा विभाग नियम तो बनाता है पर उस पर कोई कार्रवाई नहीं करता है जबकि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खुद शिक्षा विभाग के कर्मचारी शिकार है अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी से इन विद्यालयों की मनमानी रोकने तथा कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है तथा इन विद्यालयों के पास किन-किन सब्जेक्ट को पढ़ाने की मान्यता है उसको भी सार्वजनिक करने की बात अभिभावकों ने कही है

वही खंड शिक्षा अधिकारी भानु प्रताप कुशवाहा ने कहा मामला उनके संज्ञान में आया है वे जल्द छापेमारी कर ऐसे विद्यालय में कार्यवाही करने के साथ-साथ उन की मान्यता रद्द करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा अब देखना है कि शिक्षा विभाग इन विद्यालयों पर क्या कड़ी कार्रवाई करता है फिलहाल अभी तक तो शिक्षा विभाग के द्वारा एक भी विद्यालय पर भी कोई कार्रवाई नहीं करी गई क्योंकि शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी प्राइवेट विद्यालयों की मनमानी के शिकार है लेकिन शिक्षा विभाग फिर भी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है


