

स्थान : चमोली
ब्यरो रेपोर्ट


विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गोपेश्वर स्थित घिंघराण रोड वन पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता में सदियों से प्रकृति, जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को विशेष महत्व दिया जाता रहा है।



जिलाधिकारी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास की अवधारणा को अपनाया था। भी सतत विकास के लिए उसी सोच को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।


विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “इंस्पायर्ड बाय नेचर, फॉर क्लाइमेट, फॉर आवर फ्यूचर” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी वैश्विक चुनौतियों में से एक है। ऐसे में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना समय की मांग है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने वन संरक्षण और वनाग्नि रोकथाम पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि यह समाज की साझा धरोहर हैं। जंगल हमें स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और आजीविका के अनेक साधन उपलब्ध कराते हैं, इसलिए इनके संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।


इस अवसर पर वनाग्नि नियंत्रण के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले फायर वॉचर स्वर्गीय राजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया। साथ ही केदारनाथ वन प्रभाग द्वारा तैयार वनाग्नि जागरूकता पर आधारित लघु फिल्म “बड़ाग” का विमोचन भी किया गया।


कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनेक पर्यावरण प्रहरियों को प्रशस्ति पत्र और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, वन संरक्षक पंकज कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, वन कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

