
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सबसे पहले खबरें जानने के लिए हमारे न्यूज़ ही चैनल. News Portal uk सब्सक्राइब जरूर करें ख़बरों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें – 9634912113,- 8057536955 न्यूज़ पोर्टल, उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल में सभी विधान सभा स्तर पर संवाददाता\विज्ञापन संवाददाता, ब्यूरो चीफ की आवश्यकता हैं-



रिपोटर -संजय कुवर

स्थान -जोशीमठ

,जोशीमठ भू धंसाव आपदा के 3 माह से अधिक का समय बीतने के बाद छेत्र में कार्यरत निर्माणाधीन तपोवन विष्णुगाड़ हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट कम्पनी की कार्यदाई संस्था और देश की नवरत्न कम्पनियों में एक एनटीपीसी प्रबंधन ने अपने जोशीमठ टाउनशिप कार्यालय में आयोजित “मीडिया से संवाद”कार्यक्रम के तहत प्रेस वार्ता में जोशीमठ भू धंसाव पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए बताया कि,,, एनटीपीसी का कार्य विगत 5 जनवरी से पड़ा है ठप्प,जिसके चलते एनटीपीसी को हुआ है भारी नुक़सान, एनटीपीसी की भूमिगत सुरंग से जोशीमठ भू धंसाव प्रकरण को जोड़ा जाना सरासर गलत है,टनल से नहीं हुआ है जोशीमठ नगर को कोई नुकसान, भू धंसाव की जांच कर रही राष्ट्रीय एजेंसियों ने भी अबतक जांच रिपोर्ट में एनटीपीसी का नाम नहीं जोड़ा है इस भू धंसाव से,सुरंग निर्माण देश के लिए अभिशाप नहीं होता है, इसके दूरगामी लाभ होते है,लिहाजा राष्ट्र हित के लिए जल्द परियोजना का कार्य शुरू होना जरूरी है,6 साल की परियोजना को प्राकृतिक कारणों के चलते 15 साल से ऊपर लग गए है, रन ऑफ रिवर पर आधारित इस जल विद्युत परियोजना को जोशीमठ भू धंसाव के चलते कार्य बन्द होने पर हम एक साल और पीछे हो गए है, परियोजना पूरी होने पर छेत्र को करीब 12% बिजली मिलेगी मुफ्त,सुरंग का बनना कोई अभिशाप नहीं है, परियोजनाओं से शुरुवात में असुविधा होती है


लेकिन नुकसान नहीं उसका समाधान हो जाता है, हमारा भी प्रयास रहेगा कि किसी भी तरह की असुविधा का समय रहते समाधान हो सके, एनटीपीसी की इसी परियोजना के तपोवन बैराज स्थल के कारण ही वर्ष 2021 की ऋषि गंगा जल आपदा का 12 मीटर का ऊंचा तेज बहाव रुका, जिससे जोशीमठ से आगे नदी किनारे होने वाला भारी नुकसान थमा है, एनटीपीसी प्रोजेक्ट के एजीएम जियोलॉजी मुकेश कुमार ने बताया कि कतिपय लोगों ने छेत्र में भ्रांतियां फैलाई है कि एनटीपीसी ने भूमिगत टनलों का जाल फैलाया है जो सरासर गलत है, टीबीएम से टनल निर्माण हो रहा है और कोई ब्लास्ट भी नहीं हो रहा है यही नहीं टनल वर्ष 2012 में ही जोशीमठ से 4 किलोमीटर आगे परसारी के पास पहुंच गई है ऐसे में इस टर्नल का पानी रिसाव होकर जोशीमठ नगर में पहुंचना निरर्थक है,सेलंग टनल साईट के पानी और जोशीमठ भू धंसाव छेत्र में रिस रहे पानी का वाटर सिग्नेचर भी अलग अलग पाए गए है,

जोशीमठ भू धंसाव को रोकने के लिए नगर के निचले छेत्र में टो प्रोटेक्शन वर्क होना जरूरी है,
मीडिया के साथ संवाद कार्यक्रम में एनटीपीसी जोशीमठ के GGM आर०पी० अहिरवार ने परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग करते हुए क्या कुछ कहा आइए सुनते है,,,,,,,,,,,
1, टनल बनाना कोई अभिशाप नहीं,हाइड्रो प्रोजेक्ट से असुविधा होगी पर नुक़सान नहीं,
2,,एनटीपीसी की निर्माणाधीन टनल से जोशीमठ भू धंसाव का कोई सम्बन्ध नहीं है,
3, जोशीमठ भू धंसाव को NTPC से जोड़ दिया गया है,
4, जोशीमठ भू धंसाव के चलते एनटीपीसी का कार्य 97 दिनों से है ठप,
5, अप्रत्याशित रूप से एनटीपीसी को हुआ है बड़ा नुकसान,
6,,,520 मेगावाट की इस निर्माणाधीन तपोवन विष्णु प्रयाग हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का 75 प्रतिशत कार्य हुआ पूरा,
7, एनटीपीसी की इस जल विद्युत परियोजना पर अबतक 6 हजार करोड़ रुपए हुए खर्च,
8,,,जोशीमठ भू धंसाव के चलते एनटीपीसी का काम बंद होने से अबतक एनटीपीसी कम्पनी को हुआ 5 सौ करोड़ से अधिक का नुक़सान,
9,,,,भ्रांतियां फैलाई गई कि एनटीपीसी की भूमिगत टनल में बिछा है टनलों का जाल,
10,, एनटीपीसी कम्पनी का कार्य बन्द होने से करीब 1000 वर्करों पर मंडराया रोजी रोटी का संकट,



