

Gujarat Titans ने इस आईपीएल सीजन में अहमदाबाद को ऐसा किला बना दिया है, जहां पहुंचते ही विरोधी टीमों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। नरेंद्र मोदी स्टेडियम अब सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि तेज गेंदबाजों का ऐसा जाल बन चुका है, जहां बल्लेबाज खुलकर खेलने से डरने लगे हैं।



कभी Chennai Super Kings ने चेपॉक में स्पिन के दम पर अपना दबदबा बनाया था। अब उसी तरह गुजरात टाइटंस ने अहमदाबाद में तेज गेंदबाजी का साम्राज्य खड़ा कर दिया है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां स्पिन नहीं, बल्कि रफ्तार और बाउंस बल्लेबाजों की परीक्षा ले रहे हैं।


नई गेंद के साथ Mohammed Siraj और Kagiso Rabada की जोड़ी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं दिख रही। दोनों गेंदबाज शुरुआती ओवरों में ऐसी लाइन और लेंथ पर हमला करते हैं कि बल्लेबाज रन बनाने से ज्यादा विकेट बचाने की सोचने लगता है।

अहमदाबाद की पिच इस सीजन तेज गेंदबाजों के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित हुई है। सीम मूवमेंट, अतिरिक्त उछाल और हार्ड लेंथ गेंदबाजों को लगातार बढ़त दे रही है। यही वजह है कि यहां बड़े-बड़े बल्लेबाजी क्रम भी संघर्ष करते नजर आए हैं।

GT के हेड कोच Ashish Nehra की रणनीति इस सफलता की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। नेहरा ने गुजरात को सिर्फ स्टार खिलाड़ियों की टीम नहीं रहने दिया, बल्कि एक मजबूत फास्ट-बॉलिंग सिस्टम में बदल दिया है।
जहां बाकी टीमें आईपीएल में बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी पर भरोसा करती हैं, वहीं गुजरात टाइटंस ने गेंदबाजी को अपनी असली ताकत बनाया है। यही कारण है कि घरेलू मैदान पर उनका दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है।

फ्रेंचाइजी का रिकॉर्ड भी इसकी कहानी खुद बयान करता है। अपने पहले ही सीजन में चैंपियन बनने वाली गुजरात टाइटंस दूसरे सीजन में रनर-अप रही और अब एक बार फिर ट्रॉफी की मजबूत दावेदार नजर आ रही है।


समीकरण साफ है—अगर किसी टीम को आईपीएल ट्रॉफी जीतनी है, तो उसे पहले अहमदाबाद के इस ‘किले’ को फतह करना होगा। क्योंकि इस सीजन GT का होम ग्राउंड विरोधियों के लिए सबसे बड़ा ट्रैप बन चुका है।

