MDDA के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

MDDA के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

स्थान :देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

किसान एकता मंच ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण यानी MDDA की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उप जिलाधिकारी डोईवाला के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

किसान एकता मंच का आरोप है कि MDDA के अधिकारी स्थानीय किसानों और आम लोगों को परेशान कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अपनी ही भूमि पर निर्माण करने पर उन्हें नोटिस थमा दिए जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि कई ऐसे लोगों को भी अवैध निर्माण के नोटिस जारी किए गए हैं, जिनके पास संबंधित भूमि तक नहीं है। इसे किसानों ने अधिकारियों की बड़ी लापरवाही और मनमानी बताया है।

किसान नेता दरपान बोरा और पूर्व ग्राम प्रधान उम्मेद बोरा ने कहा कि MDDA लगातार आमजनता के साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस देने के बाद लोगों को देहरादून कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर किया जाता है।

उन्होंने कहा कि MDDA का कार्य केवल नोटिस देना नहीं, बल्कि क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और विकास करना भी है। लेकिन क्षेत्र में विकास कार्य कहीं दिखाई नहीं देते, जबकि लोगों पर कार्रवाई लगातार की जा रही है।

किसान नेताओं का कहना है कि MDDA का “आतंक” चरम पर पहुंच चुका है और अधिकारी बिना जांच-पड़ताल के कार्रवाई कर रहे हैं। इससे आम लोगों और किसानों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि दोषी अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड किया जाए और MDDA की मौजूदा कार्यप्रणाली पर रोक लगाई जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे देहरादून स्थित MDDA कार्यालय में ताला बंदी करने को मजबूर होंगे।

किसान एकता मंच ने सरकार से मांग की है कि किसानों और स्थानीय निवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।