कालाढूंगी का पशु चिकित्सालय बना तीमारदार, इलाज की सख्त जरूरत

कालाढूंगी का पशु चिकित्सालय बना तीमारदार, इलाज की सख्त जरूरत

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रिपोर्टर – भगवान मेहरा

स्थान – कालाढूंगी

कालाढूंगी मैं स्थित एकमात्र पशु चिकित्सालय अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा हुआ है,जिसके साथ कालाढुंगी का पशु चिकित्सालय खुद तीमारदार बनकर एक बेहतर चिकित्सक के इंतजार मैं पलके बिछाए बैठा है लेकिन जिम्मेदार महकमे के कानों तले जूं तक नही रेंगती।
जहाँ 1970 मैं बना भवन जर्जर हो चुका है इसी के साथ भवन के गिरने का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
आपको बताते चले कि कालाढूंगी का पशु चिकित्सालय 11से 15 हजार की पशु आबादी को यह अस्पताल देखता लेकिन सुविधाओ के नाम पर कुछ भी नही।


कालाढूंगी और नजदीकी ज्यादातर निजी पशु चिकित्सको के भरोसे चल रहे है जिसके चलते ग्रामीणों को पशु चिकित्सा के लिए अधिक धनराशि खर्च करनी पड़ती है।


कालाढूंगी के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि भवन निर्माण के लिए कई बार अधिकारियों को कराया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया देखने को नही मिली है और इसी के साथ सुविधाओं की भी खासा कमी देखी जा सकती है।


वही ग्रामीण कमलेश देऊपा ने बताया कि पशुओं की अधिकांश आबादी गांव मे है लेकिन पशु चिकित्सालय मुख्य बाजार कालाढूंगी के बीच है इसके बावजूद अस्पताल मे कोई सुविधाएं नही है जिसके चलते हमको निजी पशु चिकित्सको का रुख करना पड़ता है।