सरकारी विद्यालय में पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं बच्चे। हैंडपंप खराब व टूटे तथा पेयजल सप्लाई ठप।

सरकारी विद्यालय में पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं बच्चे। हैंडपंप खराब व टूटे तथा पेयजल सप्लाई ठप।

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  • रिपोर्टर – अशोक सरकार
  • स्थान – खटीमा

जनपद उधम सिंह नगर में खटीमा के सीमांत राजकीय प्राथमिक विद्यालय तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिसैया में स्टाफ सहित कुल 261 बच्चे पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं। इतनी भीषण गर्मी में भी इन दोनों सरकारी विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तो दूर विद्यालय में एक भी हैंडपंप दुरुस्त अवस्था में नहीं है। जिसकी वजह से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे बूंद बूंद पानी के लिए तरसते रहते हैं। वहीं सरकार द्वारा शुद्ध पेयजल दिए जाने का वादा पूरी तरह से खोखला साबित हो रहा है। नतीजतन बच्चे या तो प्यासे रहते हैं या गंदा पानी पीने को मजबूर होते हैं जिससे तमाम बीमारियों से ग्रसित होने की आशंका बनी रहती है। वहीं विद्यालय परिसर में बरसात के कारण जलभराव से जहरीले जलीय जीवो का भी खतरा बना रहता है, पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।


वहीं इस मामले में सिसैया के पूर्व ग्राम प्रधान राम सजीवन ने बताया कि सरकार की जल जीवन अभियान बिल्कुल फेल है क्योंकि सिसैया के दोनों सरकारी विद्यालयों में हैंड पंप खराब पड़े हैं तथा पिछले 4 माह से पेयजल सप्लाई भी बंद है जिससे बच्चे शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं। संबंधित विभागों से कई बार अवगत कराने के बाद से पेयजल सप्लाई को दुरुस्त नहीं किया गया यह बहुत अफसोस का विषय है। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिसैया की प्रधानाध्यापिका विमला बेलाल तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक शालीन राम गंगवार ने बताया कि

परिसर में हैंडपंप खराब पड़े हैं पेयजल सप्लाई भी पिछले 4 माह से बंद है, शुद्ध पेयजल की बहुत किल्लत हो रही है, पूरा स्टाफ तथा बच्चे घर से पानी लाते हैं तथा जरूरत पड़ने पर पड़ोस के नल से काम चलाते हैं उन्होंने बताया कि विद्यालय छुट्टी के बाद नल तोड़फोड़ व चोरी की भी आशंका बनी रहती है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार निवेदन के बाद भी सप्लाई ठीक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द से जल्द सप्लाई दुरुस्त कर दिया जाए ताकि बच्चे शुद्ध पेयजल का सेवन कर सकें।