
ख़बरों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें – 9634912113, 8057536955
न्यूज़ पोर्टल उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल में सभी विधान सभा स्तर पर संवाददाता\विज्ञापन संवाददाता, ब्यूरो चीफ की आवश्यकता है, संपर्क करें – 9634912113, 805753695



रिपोर्टर – संदीप कुमार

स्थान – रुड़की

अगर आपने अपना बिजली का बिल अभी तक जमा नही किया है तो यह खबर आपके लिए है। विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत बिल के बकायेदारों से जल्द से जल्द वसूली करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि ब्रह्मपुर बिजली घर पर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता राहुल जैन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए हैं। रुड़की में विद्युत विभाग ने बकाया बिजली के बिलों को लेकर कमर कस ली है। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता राहुल जैन ने देर रात ब्रह्मपुर बिजली घर पहुंच कर अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी व कर्मचारियों को बिजली के बकाया को लेकर गांव-गांव कैंप लगाकर जमा कराने के निर्देश दिए हैं। पिछले करीब दो साल से कोविडकाल के चलते बिजली विभाग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। वहीं बिजली विभाग ने बकायेदारों को बिजली का बिल जमा कराने के लिए गांव गांव अलांउसमेन्ट व कैम्प लगाए जा रहे हैं लेकिन बिजली का बकाया बिल जमा न होने के कारण बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं जिसको लेकर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को ग्रामीणों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है।


उपखंड अधिकारी अनीता सैनी का कहना है कि सरकार द्वारा सभी बिलों पर सरचार्ज की छूट भी दी हुई है जिसको लेकर ब्रह्मपुर बिजलीघर पर बकायेदारों कर करीब करोड़ों का बिजली का बिल बकाया है। उसको लेकर ही उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सभी ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी ग्रामीण पर अगर पांच हजार से अधिक बिजली का बिल बकाया है तो उसका कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा और मीटर भी उतार लिया जाएगा। वही किसानों का कहना है कि कोविडकाल होने के कारण एवं गन्ने का पेमेंट समय पर ना होने के कारण किसानों की हालत खस्ताहाल बनी है इसलिए क्षेत्र के किसान बिजली विभाग से चाहते हैं कि वह जो भी बिजली का बकाया है उसको संतोषजनक किसानों से बात कर कर जमा कराएं। किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। वहीं कुछ किसानों की यह भी माँग है कि अगर विभाग जैसे मार्च में कैंप लगाता है अगर हर चार महीने बाद ग्रामीण क्षेत्रों में इसी तरह कैंप लगाए जाएं तो शायद इस तरह के हालात पैदा नही होंगे क्योंकि एक मोटी रकम जमा करना किसान एवं मजदूर के लिए भी मुश्किल का काम है।


