

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


2012 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने देहरादून के जिलाधिकारी पद का कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने कोषागार का निरीक्षण किया और रिकॉर्ड के व्यवस्थित संरक्षण तथा पेंशनरों के डिजिटल सत्यापन पर विशेष जोर दिया।


कार्यभार संभालने के बाद डॉ. चौहान ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और विकास कार्यों को गति देना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।


उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।


डॉ. आशीष चौहान इससे पहले पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक कार्यशैली और नवाचार आधारित योजनाओं के चलते उन्होंने अलग पहचान बनाई है।

पौड़ी में उनके कार्यकाल के दौरान सड़क सुरक्षा के लिए “सेफ सफर ऐप” शुरू किया गया था, जिसे काफी सराहना मिली। इसके अलावा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी के लिए “काव्या ऐप” भी उनकी महत्वपूर्ण पहल रही।

पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौड़ी में 56 फीट ऊंचे त्रिशूल वाले “त्रिशूल पार्क” का निर्माण भी उनके कार्यकाल की चर्चित उपलब्धियों में शामिल रहा। इन पहलों को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी।


डॉ. चौहान गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनभागीदारी आधारित प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। माना जा रहा है कि देहरादून में भी वह तकनीक आधारित नवाचारों को बढ़ावा देंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने नए जिलाधिकारी का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी और विकास योजनाओं को नई दिशा मिलेगी।

